ईडी की पूछताछ में सामने आ सकते हैं अहम खुलासे, 10 मार्च की छापेमारी में बरामद हुए थे 33 लाख रुपये और दस्तावेज
छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आज एक बड़ा घटनाक्रम होने जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश होने के लिए समन जारी किया गया था, जिसके तहत आज उनसे पूछताछ की जाएगी। यह कार्रवाई 10 मार्च को हुई ईडी की छापेमारी के बाद की गई, जिसमें 33 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे।
ईडी की छापेमारी और जांच की दिशा
ईडी ने 10 मार्च को रायपुर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल के निवास और अन्य संबंधित स्थानों को खंगाला गया। छापे में 33 लाख रुपये नकद, महत्वपूर्ण दस्तावेज और मंतूराम केस से जुड़ा एक पेन ड्राइव बरामद हुआ। इन दस्तावेजों के आधार पर ही ईडी ने चैतन्य बघेल को समन जारी किया था।
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
इस घोटाले का संबंध भूपेश बघेल सरकार के दौरान शराब व्यापार में हुए भ्रष्टाचार से है। आयकर विभाग ने 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर कर इस घोटाले का खुलासा किया था।
शराब घोटाले से जुड़े मुख्य आरोप:
- 2017 की आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL (Chhattisgarh State Marketing Corporation Limited) के जरिए शराब बिक्री की व्यवस्था लागू की गई।
- 2019 में अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का एमडी नियुक्त कराया, जिसके बाद कथित रूप से अवैध उगाही का खेल शुरू हुआ।
- पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया सहित कई बड़े अधिकारियों और नेताओं पर संलिप्तता के आरोप लगे हैं।
- ईडी की जांच में 2161 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ, जिसमें आबकारी विभाग और एक संगठित सिंडिकेट की भूमिका उजागर हुई।
- इस मामले में 15 जनवरी को कवासी लखमा को भी ईडी ने गिरफ्तार किया था।
चैतन्य बघेल की भूमिका पर सवाल
ईडी को शक है कि चैतन्य बघेल का इस घोटाले में किसी न किसी रूप में संबंध हो सकता है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और पेन ड्राइव की जांच के आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है।
- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया और आरोप लगाया कि विपक्ष को दबाने के लिए यह जांच चलाई जा रही है।
- वहीं, भाजपा ने घोटाले को लेकर कांग्रेस सरकार पर करारा हमला बोला और कहा कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था।
इस मामले पर आगे की कार्रवाई और ईडी की पूछताछ के नतीजे शराब घोटाले की जांच को नया मोड़ दे सकते हैं।









