पूर्व सरपंच बोले – भुगतान न मिलने से जान देने की आ गई नौबत
कोरबा पाली : मनरेगा योजना के तहत वर्ष 2017-18 में स्वीकृत शौचालय निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत रामाकछार (जनपद पंचायत पाली) को ओडीएफ घोषित किया गया था। इस दौरान यहां 207 शौचालयों के निर्माण की जिम्मेदारी कटघोरा के एक ठेकेदार को सौंपी गई, जबकि निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री की व्यवस्था ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच भय सिंह आर्मो को करनी थी।
पूर्व सरपंच भय सिंह ने बताया कि उन्होंने ईंट, सीमेंट और गिट्टी जैसी सामग्री करीब 5 लाख रुपये की उधारी में जुटाकर ठेकेदार को प्रदान की, जिससे सभी शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। इस निर्माण कार्य के लिए मनरेगा द्वारा स्वीकृत 12.24 लाख रुपये की पूरी राशि ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दी गई, जबकि सामग्री की खरीददारी का भुगतान आज तक उन्हें नहीं मिला।
पूर्व सरपंच का आरोप है कि ठेकेदार ने भुगतान से इनकार करते हुए बहानेबाजी शुरू कर दी है। ठेकेदार का कहना है कि पहले उस समय के जनपद सीईओ को बुलाओ, तब भुगतान करूंगा। इसके चलते भय सिंह बीते 7 वर्षों से ठेकेदार और जनपद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
पूर्व सरपंच ने बताया कि उधारी की राशि अदा न होने के कारण दुकानदारों के बार-बार तकादे से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो चुके हैं। आर्थिक संकट इस हद तक बढ़ गया है कि उनके सामने आत्महत्या जैसे विचार आने लगे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से न्याय और बकाया राशि की जल्द से जल्द भुगतान की मांग की है।







