तेंदूफल छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए है सोना, आमदनी और सेहत का है सहारा

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मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: छत्तीसगढ़ के कोरिया और मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर क्षेत्र के घने जंगलों में तेंदू फल पाया जाता है. यह फल गर्मियों में विशेष रूप से बाजार में उपलब्ध होता है. खास बात यह है कि यह फल आदिवासी समुदाय की आमदनी बढ़ा रहा है.

ग्रामीणों के लिए आमदनी का जरिया: एमसीबी जिले के ग्रामीण राजू प्रसाद यादव बताते हैं, “हमारे इलाके में तेंदू फल पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है. यह न केवल सेहतमंद है, बल्कि इसका व्यापार करके हम अपनी आजीविका भी चला रहे हैं. ग्रामीण इस फल को इकट्ठा कर बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छा लाभ मिलता है

तेंदू फल के फायदे : तेंदू फल आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में पाया जाता है. लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. यह फल गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाता है. पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है. आयुर्वेद में तेंदू फल को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है. गर्मी की शुरुआत होते ही तेंदू फल पेड़ों में पक जाता है. तेंदू पत्ता संग्राहक जंगलों से तोड़कर गांव और शहरों में तेंदू फल बेचते हैं.

स्थानीय वैद्य उमा शंकर सिंह बताते हैं, “तेंदू फल में कई औषधीय गुण हैं. इसे खाने से शरीर मजबूत होता है, मांसपेशियां विकसित होती हैं और यह कई बीमारियों से बचाव करता है. ग्रामीण इसे सुखाकर सालभर इस्तेमाल करते हैं, खासकर बरसात के मौसम में जब बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.”

डायबिटीज और मोटापे के लिए फायदेमंद: मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. अविनाश खरे बताते हैं, “तेंदू फल पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं. इसमें फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो डायबिटीज को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं. इसका हाई फाइबर कंटेंट पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है.”

संयमित मात्रा में करें सेवन: डॉक्टरों का कहना है कि तेंदू फल का अधिक सेवन करने से पेट में दर्द और गैस की समस्या हो सकती है. यदि कोई व्यक्ति पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसे तेंदू फल का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

तेंदू पत्ता की घटती मांग के बीच फल ने दी राहत: तेंदू पत्ते का उपयोग बीड़ी बनाने के लिए किया जाता है, लेकिन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के कारण बीड़ी का कारोबार धीरे धीरे कम हो रहा है. ऐसे में तेंदू फल ग्रामीणों के लिए एक नई आर्थिक संभावनाओं का द्वार खोल रहा है.

आदिवासी समुदाय के लिए संजीवनी: तेंदू फल आदिवासी समुदाय के लिए न केवल एक पोषण स्रोत है, बल्कि उनकी अर्थव्यवस्था को भी संबल प्रदान कर रहा है. इसके बढ़ते उपयोग और औषधीय गुणों को देखते हुए सरकार भी इसके व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है.

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