भूपेश बघेल के घर ED का छापा, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
शराब घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई, छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई
भिलाई: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने सोमवार सुबह छापेमारी की। इस दौरान उनके बेटे चैतन्य बघेल के घर समेत भिलाई के 10 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की गई। यह छापेमारी शराब घोटाले और महादेव सट्टा ऐप मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
ED की टीम ने सुबह चार गाड़ियों के साथ बघेल के पदुमनगर स्थित निवास पर दबिश दी और दस्तावेजों की गहन जांच की। टीम ने उनके करीबी संदीप सिंह और कुछ बड़े व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापे मारे। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बैंक अधिकारी पहुंचे नोट गिनने की मशीन लेकर
ED की जांच के बीच बैंक के अधिकारी नोट गिनने की मशीन लेकर पहुंचे, जिससे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया। जांच एजेंसी ने दावा किया कि शराब घोटाले से जुड़े ठोस सबूत मिले हैं, जबकि कांग्रेस इस छापेमारी को केंद्र सरकार की साजिश बता रही है।
भूपेश बघेल का बयान— ‘झूठे केस को कोर्ट ने किया खारिज, फिर भी ED की रेड’
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर पोस्ट करते हुए कहा कि अदालत ने पहले ही 7 साल पुराने झूठे केस को खारिज कर दिया था, लेकिन अब ED उनके घर छापेमारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस को दबाने और ध्यान भटकाने की कोशिश है।
कांग्रेस का BJP पर हमला— ‘विपक्ष को दबाने की कोशिश’
ED की कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस हमलावर हो गई। कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने कहा, “यह विपक्ष को दबाने की साजिश है। हम इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाएंगे।” वहीं, विधायक उमेश पटेल ने इसे “भाजपा की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई” बताया।
AICC के संचार प्रमुख पवन खेड़ा ने पोस्ट कर कहा कि संसद सत्र शुरू होते ही BJP ने हेडलाइन बदलने के लिए ED की कार्रवाई करवाई है, ताकि महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों से ध्यान हटाया जा सके।
BJP ने किया पलटवार— ‘कानूनी प्रक्रिया के तहत हो रही जांच’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य में कई घोटाले हुए, जिनकी जांच ED कर रही है। उन्होंने कहा, “यह कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, इसमें राज्य सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।”
राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने भी केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि BJP का यह पुराना खेल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भाजपा की “वॉशिंग मशीन” में नहीं जाते, उन्हें इस तरह परेशान किया जाता है।
ED की कार्रवाई पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन
ED की छापेमारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के निवास के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ता नगाड़े बजाते हुए फाग गीत गाकर प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने चेतावनी दी कि अगर यह कार्रवाई जल्द खत्म नहीं हुई, तो पार्टी पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगी।
महादेव सट्टा ऐप घोटाले में बघेल पर FIR
महादेव सट्टा ऐप केस में आर्थिक अनुसंधान शाखा (EOW) ने एक साल पहले ED की शिकायत पर भूपेश बघेल समेत 21 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इस मामले में ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत कई पुलिस अधिकारियों और कारोबारियों के नाम शामिल हैं। उस समय बघेल ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया था।
छत्तीसगढ़ की सियासत में यह छापेमारी एक बड़ा मुद्दा बन गई है। कांग्रेस जहां इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, वहीं BJP का कहना है कि जांच एजेंसियां अपने तरीके से काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीति और गरमाने की संभावना है।









