भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। अमेरिका के हवाई में आयोजित 22वीं इंडो-यूएस मिलिट्री कोऑपरेशन ग्रुप बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों ने 10 वर्षीय ‘यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क’ पर विस्तार से चर्चा की। यह वही फ्रेमवर्क है जिस पर पिछले सप्ताह कुआलालंपुर में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका के रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने हस्ताक्षर किए थे।
बैठक में भारत की ओर से चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल अशुतोष दीक्षित और अमेरिका की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल जोशुआ एम. रुड ने संयुक्त रूप से सह-अध्यक्षता की। चर्चा में रक्षा प्रौद्योगिकी साझेदारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग, साइबर सुरक्षा, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और रणनीतिक सहयोग को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
यह 10 वर्षीय रक्षा फ्रेमवर्क दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं को सुदृढ़ करने, संयुक्त ऑपरेशन्स को विकसित करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग को “नई ऊंचाइयों” पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारत और अमेरिका के बीच यह सहयोग न केवल रक्षा क्षेत्र में तकनीकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि संयुक्त रणनीतिक हितों को भी मजबूत करेगा।









