श्रीनगर (जम्मू–कश्मीर) शनिवार देर रात करीब 11 बजकर 20 मिनट पर श्रीनगर के नौगाम थाना परिसर में अचानक हुए शक्तिशाली विस्फोट ने पूरी घाटी को दहला दिया। रात के सन्नाटे को चीरती धमाकों की आवाज के बाद एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के सायरन गूंज उठे। घटना में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 27 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारी शामिल हैं।
कैसे हुआ धमाका?
पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुज़म्मिल गनई की निशानदेही पर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया था। आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद इस बड़ी खेप को नौगाम थाने में सुरक्षित रखा गया था।
शनिवार रात एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम इस विस्फोटक सामग्री के सैंपल एकत्र कर जांच कर रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी दौरान अमोनियम नाइट्रेट में आकस्मिक ब्लास्ट हो गया।
डीजीपी नलिन प्रभात ने स्पष्ट किया है कि यह घटना पूरी तरह दुर्घटनावश हुई है और किसी प्रकार की साजिश के संकेत फिलहाल नहीं मिले हैं।
धमाके की तीव्रता और मौके की स्थिति
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि:
- कई वाहनों में आग लग गई
- थाने का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया
- कुछ शवों की पहचान करना भी कठिन हो गया
- आसपास के क्षेत्रों में कंपन महसूस किए गए
घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय दर्जी, जिसे विस्फोटक सामग्री ढकने के लिए कवर तैयार करने का काम दिया गया था, भी इस हादसे में मारा गया।
कौन-कौन मारे गए?
मृतकों में कुल 9 लोग शामिल हैं:
- 1 SIA अधिकारी
- 3 FSL कर्मी
- 2 फोटोग्राफर
- 2 राजस्व अधिकारी, जिनमें एक नायब तहसीलदार
- 1 स्थानीय दर्जी
घायलों में 3 आम नागरिक भी शामिल हैं। कई घायलों का इलाज 92 बेस अस्पताल में जारी है, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पृष्ठभूमि: आतंकी मॉड्यूल की जांच से जुड़ा मामला
दिल्ली के लाल किले के पास i20 कार में हुए विस्फोट की जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस को एक बड़े आतंकी नेटवर्क का सुराग मिला था। इसी जांच में डॉक्टर मुज़म्मिल गनई और उसके सहयोगियों—डॉ. उमर-उन-नबी, डॉ. शाहीन शाहिद—की संलिप्तता सामने आई थी।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों ने निगरानी से बचने के लिए साझा ईमेल अकाउंट के जरिए एक दूसरे से संपर्क बनाए रखा था।
फरीदाबाद से मिली 2900 किलोग्राम संदिग्ध सामग्री में से 360 किलोग्राम विस्फोटक नौगाम लाया गया था, जिसके नमूने लिए जा रहे थे और उसी दौरान यह बड़ा हादसा हुआ।
जांच जारी
थाना परिसर में और आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया गया है। एफएसएल की नई टीम, SIA और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। यह जांच की जा रही है कि:
- क्या विस्फोटक सामग्री वैज्ञानिक तरीके से स्टोर की गई थी?
- सैंपल कलेक्शन के समय कोई तकनीकी चूक हुई?
- क्या मौके पर किसी अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ?









