पाली। ग्राम फरसागुड़ा, कपोट विकासखंड पाली में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं का सम्मान करते हुए स्वास्थ्य, सहयोग और सेवा–भावना को सुदृढ़ बनाना था।


इस अवसर पर विशाल स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, सामूहिक भोज, कंबल वितरण एवं विविध मेले का आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से आए जनजातीय बुजुर्गों व बच्चों ने पारंपरिक पोशाकों में सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।

सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और उनके संघर्षों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। मुख्य अतिथि किशोरीलाल बिष्णु ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जनजातीय समाज को एकजुट कर प्राकृतिक अधिकारों की रक्षा की आवाज उठाई, जो आज भी प्रासंगिक है।

कार्यक्रम के संयोजक दीपक सोनी व जग्गा नगर कल्याण सेवा समिति बिलासपुर की टीम ने बताया कि जनजातीय संस्कृति की रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता इस दिवस का मुख्य संदेश है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की शिक्षाएं त्याग, समर्पण और संघर्ष का सर्वोच्च उदाहरण हैं और आज भी युवाओं को नई दिशा देती हैं।

महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर समारोह की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जनजातीय समाज की परंपराओं, समस्याओं और समाधान के रास्तों पर व्यापक चर्चा की।








