खरसिया। जब गांव का युवा अपने भविष्य को लेकर सवाल करता है, तब सही मार्गदर्शन उसे नई दिशा देता है। ऐसा ही दृश्य 13 दिसंबर को ग्राम पंचायत फरकानारा में देखने को मिला, जहां शासकीय महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय खरसिया की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर में ग्रामीण विकास एवं कैरियर मार्गदर्शन पर विशेष संवाद आयोजित किया गया।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मीडिया एसोसिएशन के राज्य प्रभारी श्री वेदप्रकाश महंत (VPM) ने शिविरार्थियों से सीधे संवाद करते हुए कहा—
“गरीबी गांव में हो सकती है, लेकिन प्रतिभा किसी सीमा में नहीं बंधी होती। जरूरत है आत्मविश्वास, मंच और सही दिशा की।”
श्री महंत ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके कैरियर की प्रेरणा फिल्म ‘नायक’ में मुख्यमंत्री और पत्रकार के संवाद से मिली, जिसने उन्हें समाज की सच्चाई सामने लाने की राह दिखाई।
उन्होंने युवाओं को यह समझाया कि आज के दौर में कैरियर के अवसर केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं हैं। कार्यक्रम की मुख्य प्रेरक भूमिका में NSS कार्यक्रम अधिकारी कुसर्मोति जांगड़े रहीं, जिन्होंने शिक्षा को आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए शिविरार्थियों को लक्ष्य आधारित जीवन जीने की प्रेरणा दी।
11 दिसंबर से 17 दिसंबर तक चले इस विशेष शिविर में NSS स्वयंसेवकों ने ग्राम विकास, स्वच्छता, नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कई रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण समाज से सीधा जुड़ाव स्थापित किया। यह शिविर न केवल सेवा का माध्यम बना, बल्कि गांव के युवाओं के लिए भविष्य की नई सोच भी लेकर आया।







