बिजली कटौती से जनता त्रस्त, पूंजीपतियों को राहत — आम आदमी पार्टी ने साय सरकार पर साधा निशाना

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बलरामपुर।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने बिजली विभाग और राज्य सरकार पर आम जनता के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के जिला अध्यक्ष ज़फ़र खान ने कहा कि सरप्लस बिजली उत्पादन वाले राज्य में भी स्मार्ट मीटर (प्रीपेड मीटर) के जरिए आम लोगों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

जनता की मूलभूत सुविधाओं से सरकार का मोहभंग

ज़फ़र खान ने कहा कि चुनी हुई सरकार का नैतिक दायित्व होता है कि वह जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। लेकिन वर्तमान हालात में प्रदेश की जनता खुद बिजली व्यवस्था की बदहाली देख रही है।

पूंजीपतियों और सरकारी विभागों को विशेष छूट का आरोप

आप जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जहां आम जनता के कुछ सैकड़ों रुपये बकाया होने पर बिना पर्याप्त समय दिए बिजली कनेक्शन काट दिए जाते हैं, वहीं 5767 पूंजीपतियों से 119 करोड़ रुपये और 34 सरकारी विभागों से करीब 3100 करोड़ रुपये का बकाया वर्षों से वसूला नहीं जा सका है।

टेंडर प्रक्रिया में बदलाव पर सवाल

खान ने कहा कि बिजली विभाग ने आपातकालीन कार्यों और नए कनेक्शन से जुड़े टेंडरों की प्रक्रिया को अचानक बदल दिया है। अव्यवहारिक और जटिल नियम लागू कर विभाग खुद निविदा दरें तय कर रहा है, जिससे गिनती के ठेकेदारों को फायदा और विभाग को नुकसान हो रहा है।

ठेकेदारों को लाभ, विभाग को आर्थिक क्षति

उन्होंने बताया कि जिन कार्यों में पहले ऑनलाइन निविदाओं के माध्यम से -25 से -30 प्रतिशत तक की दर पर काम होता था, उन्हें अब -5 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। इससे स्पष्ट है कि वर्षों का कार्य कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को सौंपा जा रहा है।

सब्सिडी खत्म, घाटे का ठीकरा जनता पर

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि बिजली कंपनी खुद को घाटे में बताकर जनता को दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर रही है, जबकि बड़े बकायेदारों से वसूली नहीं कर पाना ही घाटे का मुख्य कारण है।

गरीब, किसान और मजदूर विरोधी नीति का आरोप

ज़फ़र खान ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था दर्शाती है कि साय सरकार गरीब, किसान और मजदूर विरोधी हो चुकी है। ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है या फिर यह सब उन्हीं के निर्देश पर हो रहा है।

आंदोलन की चेतावनी

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जनविरोधी फैसले वापस नहीं लिए गए और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने वाली टेंडर प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो पार्टी पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेगी।

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