पड़ोसी और दुश्मन देश पाकिस्तान की हरकतें जगजाहिर हैं। नए साल पर दोनों देश एक दूसरे को एक लिस्ट शेयर करेंगे। इसमें दोनों देशों के परमाणु स्थलों की जानकारी होगी। पिछले 34 सालों से नए साल के पहले दिन यह परंपरा निभाई जाती है।
पिछली बार भारत ने पाक को 17 परमाणु स्थल और पाकिस्तान ने भारत को 25 परमाणु स्थलों की लिस्ट दी थी। ये परंपरा शुरू क्यों और कब हुई, आइए विस्तार से जानते हैं।
दरअसल, 1991 के द्विपक्षीय समझौते के तहत हर साल 1 जनवरी को ये आदान प्रदान होता है। समझौते का उद्देश्य था कि अगर दोनों देशों में युद्ध हुआ तो एक-दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद यह प्रक्रिया कभी रुकी नहीं। पिछले साल के आदान-प्रदान में भारत ने पाकिस्तान को 17 परमाणु स्थलों की सूची सौंपी थी, जबकि पाकिस्तान ने भारत को 25 स्थलों की जानकारी दी। आज भी इस विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ यह आदान-प्रदान होगा।










