शिक्षा की ओर प्रेरणादायक पहल: तेलीकोट में निःशुल्क पढ़ाने वाले गुरुजी को BDC धनंजय बॉयल ने किया सम्मानित, नवोदय में चयनित हुए 5 बच्चे

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निःशुल्क शिक्षा से नवोदय तक का सफर

ग्रामीण अंचल में शिक्षा की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल ग्राम पंचायत तेलीकोट में देखने को मिली है, जहाँ एक शिक्षक ने अपने ही गृह निवास को ज्ञान का केंद्र बनाकर क्षेत्र के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने का बीड़ा उठाया। इस अनोखी पहल की चर्चा तब तेज़ हुई, जब इसी ट्यूशन क्लास से पढ़ने वाले बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय में हुआ।

बीडीसी धनंजय बॉयल ने किया सम्मान

जैसे ही इस सफलता की जानकारी क्षेत्र के बीडीसी धनंजय बॉयल को मिली, वे स्वयं शिक्षक के गृह निवास पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षक समय लाल सिदार को पुष्प गुच्छ एवं साल भेंट कर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की खुले शब्दों में सराहना की।

चयनित विद्यार्थियों का भी हुआ सम्मान

इस अवसर पर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में सफल हुए विद्यार्थियों को भी BDC धनंजय बॉयल द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने बच्चों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बच्चों को आगे भी इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

“समाज के लिए सकारात्मक और प्रेरणादायक कार्य”

बीडीसी धनंजय बॉयल ने कहा कि निःस्वार्थ भाव से बच्चों को शिक्षा देना समाज के लिए अत्यंत सकारात्मक परिणाम देने वाला कार्य है। उन्होंने शिक्षक को क्षेत्र के बच्चों के लिए “खान सर जैसा मार्गदर्शक” बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनते हैं।

सम्मान से अभिभूत हुए गुरुजी

बीडीसी द्वारा किए गए सम्मान से शिक्षक समय लाल सिदार भावुक और प्रोत्साहित नजर आए। उन्होंने इस स्नेह और सम्मान के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है।

नवोदय चयन परीक्षा में बड़ी उपलब्धि

मीडिया से बातचीत में शिक्षक समय लाल सिदार ने बताया कि नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 13 दिसंबर 2025 को आयोजित हुई थी, जिसमें जिले से 15 हजार से अधिक बच्चे शामिल हुए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच केवल 79 बच्चों का चयन हुआ, जिनमें से 5 विद्यार्थी उनके कोचिंग सेंटर से चयनित हुए।

“मेहनत से असंभव भी संभव”

अपने उद्बोधन में गुरुजी ने कहा कि दुनिया में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है, आवश्यकता केवल निरंतर प्रयास, अनुशासन और मेहनत की है। यदि सही मार्गदर्शन और लगन हो, तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।


ग्राम पंचायत तेलीकोट की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाती है, बल्कि यह साबित करती है कि समर्पण और सेवा भाव से किया गया कार्य समाज में दूरगामी बदलाव ला सकता है।

क्या कहा गुरुजी ने देखें video

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