खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र केना में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के आदेश पर गठित संयुक्त जांच टीम द्वारा 18 जनवरी 2026 को केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर धान एवं बारदाना की कमी पाई गई।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार ऑनलाइन रिकॉर्ड में जहां 29,628 नग बारदाना (11,851.20 क्विंटल धान) दर्ज था, वहीं मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन में केवल 25,615 नग बारदाना (10,246 क्विंटल धान) ही पाया गया। इस प्रकार 4,013 नग बारदाना (1,605.20 क्विंटल धान) की कमी सामने आई। इस कमी की अनुमानित कीमत 49 लाख 76 हजार 120 रुपये आंकी गई है।
जांच में यह भी पाया गया कि धान उपार्जन में प्रयुक्त नए एवं पुराने बारदाने के उपयोग में भी गंभीर अनियमितता की गई। जांच के दौरान 2007 नग नया बारदाना (कीमत 15,654.60 रुपये) तथा 2006 नग पुराना बारदाना (कीमत 50,150 रुपये) का उपयोग नियमों के विरुद्ध पाया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर शासन को 50,41,924.60 रुपये की क्षति होना जांच में सामने आया है।
संयुक्त जांच टीम ने मौके पर रखे धान के स्टैकों का रेंडम तौल भी किया, जिसमें बोरी का वजन निर्धारित मानक से कम पाया गया। जांच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मामले में अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।
इसके पश्चात उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला महासमुंद के आदेश के आधार पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित रायपुर की शाखा तोरेसिंहा के शाखा प्रबंधक द्वारा थाना प्रभारी सरायपाली को लिखित आवेदन सौंपा गया। आवेदन के आधार पर धान उपार्जन केंद्र केना के प्रभारी गोपाल नायक, निवासी ग्राम इच्छापुर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।








