रायपुर/अंबिकापुर। विशेष रिपोर्ट।
रायपुर/अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग संवर्ग में लंबित मांगों को लेकर नाराजगी एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रही है। ग्रेड पे बढ़ाने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश नर्सेस एसोसिएशन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन के अनुसार आगामी 7 अक्टूबर 2026 को प्रदेशभर में ज्ञापन अभियान चलाया जाएगा।

एसोसिएशन से जुड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल, मानसिक रोग चिकित्सालय सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नियमित स्टाफ नर्स एवं नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारी इस अभियान में शामिल होंगे।
भोजन अवकाश के दौरान होगा प्रदर्शन
नर्सेस एसोसिएशन के मुताबिक 7 अक्टूबर को भोजन अवकाश के समय कर्मचारी अपनी-अपनी संस्थाओं के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन संस्था प्रमुख, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

संगठन का कहना है कि यह अभियान सरकार का ध्यान वर्षों से लंबित मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए किया जा रहा है। यदि इसके बाद भी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

2018 के आंदोलन और कमेटी की सिफारिशों का हवाला
प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ के ग्रेड पे में वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर वर्ष 2018 में आंदोलन किया गया था। संगठन का दावा है कि उस आंदोलन के दौरान कई नर्सों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

आंदोलन के बाद शासन स्तर पर नर्सिंग संवर्ग की मांगों के निराकरण के लिए कमेटी का गठन किया गया था। एसोसिएशन का दावा है कि कमेटी ने ग्रेड पे बढ़ाने से संबंधित अनुशंसाएं भी की थीं, लेकिन करीब आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद इन अनुशंसाओं को लागू नहीं किया गया।
नर्सिंग संगठन के अनुसार इस दौरान मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से मांगों से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है।
2023 में भी हुआ था बड़ा आंदोलन
नर्सेस एसोसिएशन ने वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले हुए आंदोलन का भी हवाला दिया है। संगठन का दावा है कि उस आंदोलन के बाद भी उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं किया गया। इसके विपरीत, संगठन के अनुसार 2500 से अधिक कर्मचारियों को निलंबन और बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
इन घटनाओं के बाद नर्सिंग संवर्ग में असंतोष और बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
30 अक्टूबर को राजधानी में महारैली का ऐलान
अब नर्सिंग कर्मचारियों ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का निर्णय लिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ग्रेड पे में वृद्धि सहित लंबित मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 30 अक्टूबर 2026 को राजधानी में प्रदेशव्यापी विशाल महारैली आयोजित की जाएगी।
इसके बाद भी यदि दीपावली तक मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो संगठन ने अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर की चेतावनी
नर्सिंग संगठन ने शासन-प्रशासन को दिए सूचना पत्र में कहा है कि लगातार मांगों की अनदेखी के कारण प्रदेशभर के नर्सिंग कर्मचारी निराश और आक्रोशित हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप लेता है तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
एसोसिएशन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। संगठन ने ऐसी किसी भी परिस्थिति के लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
अब नजर 7 अक्टूबर के ज्ञापन अभियान पर है। नर्सिंग संवर्ग की वर्षों पुरानी मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है और क्या आंदोलन शुरू होने से पहले कोई ठोस निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।






