आस्था पर हादसा: खल्लारी माता धाम में रोपवे टूटा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल—एक की मौत, कई घायल

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स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट 

 

छत्तीसगढ़/ 23 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित खल्लारी माता मंदिर, जो श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का साक्षी बन गया। जहां भक्त माता के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति और आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, वहीं उनकी यात्रा अचानक भय और त्रासदी में बदल गई।

सुबह लगभग 10:30 बजे, जब श्रद्धालु माता के दर्शन कर रोपवे (उड़नखटोला) के माध्यम से नीचे लौट रहे थे, तभी अचानक तकनीकी खराबी के कारण केबल टूट गया। आस्था की इस यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई, जिससे पूरे मंदिर परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इस हादसे में एक 28 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जो अपने परिवार के साथ दर्शन करने आया था। कई अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

खल्लारी माता धाम न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां दूर-दूर से लोग अपनी आस्था लेकर पहुंचते हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर इस तरह की घटना ने न केवल लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

प्रारंभिक जांच में रोपवे के रखरखाव में भारी लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण की अनदेखी की गई थी। यह लापरवाही अब एक बड़े हादसे के रूप में सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और कई जिंदगियों को संकट में डाल दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जहां लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर आते हैं, वहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंधन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल रोपवे सेवा को बंद कर दिया गया है।

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि आस्था और व्यवस्था के बीच संतुलन की एक कड़ी चेतावनी है। अब समय आ गया है कि धार्मिक स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रह सके।

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