डीएमएफ की पेयजल योजनाओं में बड़ा घोटाला? 5 पंचायतों को ₹2-2 लाख की स्वीकृति, कहीं अधूरा काम तो कहीं एक ढेला तक नहीं, प्यासे ग्रामीणों ने उठाए सवाल

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कोरबा/पाली विशेष रिपोर्ट।

 

 

कोरबा जिला पाली विकासखंड की पहाड़ी और वनांचल ग्राम पंचायतों में डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) मद से पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए गए थे। प्रत्येक पंचायत में बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना के लिए ₹2-2 लाख की मंजूरी दी गई, लेकिन अधिकांश स्थानों पर कार्य अधूरा है या शुरू ही नहीं हुआ। इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग और गबन की आशंका गहरा गई है।

 

 

 

कोरबा/पाली।आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने के उद्देश्य से तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत ने लगभग छह माह पूर्व जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से कई ग्राम पंचायतों में बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना के लिए प्रति कार्य ₹2 लाख की स्वीकृति प्रदान की थी। इन योजनाओं का उद्देश्य गर्मी के दौरान ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।

 

किन पंचायतों को मिली थी स्वीकृति?

 

1. ग्राम पंचायत पहाड़गांव

कार्य: बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना।

स्वीकृत राशि: ₹2 लाख।

स्थिति: आश्रित मोहल्ला चोरकाडांड़ में बोर, सबमर्सिबल और 1000 लीटर की सिंटेक्स टंकी लगा दी गई है, लेकिन आज तक बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप पूरी योजना बंद पड़ी है और ग्रामीणों को पेयजल का लाभ नहीं मिल रहा।

 

2. ग्राम पंचायत बारीउमराव

 

कार्य: बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना।

स्वीकृत राशि: ₹2 लाख।

स्थिति: सूत्रों के अनुसार राशि स्वीकृत होने के बावजूद कार्य अधूरा है तथा योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया।

 

3. ग्राम पंचायत रतखंडी

 

कार्य: बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना।

स्वीकृत राशि: ₹2 लाख।

स्थिति: जानकारी के अनुसार पहली किश्त की राशि आहरित कर ली गई, लेकिन मौके पर कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।

 

4. ग्राम पंचायत जेमरा

 

कार्य: बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना।

स्वीकृत राशि: ₹2 लाख।

स्थिति: कार्य पूर्ण नहीं हुआ। ग्रामीण अब भी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।

 

5. ग्राम पंचायत कोडार

 

कार्य: बोर खनन, सबमर्सिबल पंप एवं सिंटेक्स टंकी स्थापना।

स्वीकृत राशि: ₹2 लाख।

स्थिति: योजना की राशि स्वीकृत होने के बावजूद कार्य प्रगति पर नहीं दिख रहा। मामले में जांच की मांग तेज हो गई है।

 

ग्रामीणों का आरोप— लाखों खर्च, फिर भी पानी नहीं

चोरकाडांड़ के ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ महीने से टंकी और पाइप लगे हुए हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं होने से पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं हुई। कई बार सरपंच और सचिव से शिकायत करने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

 

सीईओ को भी नहीं जानकारी, बढ़े सवाल

 

सूत्रों के अनुसार पाली जनपद पंचायत के सीईओ को भी इन कार्यों की जानकारी नहीं है, जबकि नियमानुसार ऐसे निर्माण कार्य उनकी निगरानी में होने चाहिए। आरोप है कि कहीं अन्य मद के कार्यों को डीएमएफ के नाम पर दर्शाकर राशि समायोजित करने का प्रयास तो नहीं किया गया।

 

जनपद सदस्य ने की निष्पक्ष जांच की मांग

 

जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक-15 की सदस्य श्रीमती कौशिल्या भंवर उइके ने कहा कि डीएमएफ की राशि आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों के विकास के लिए होती है। यदि कार्य अधूरे हैं या बिना कार्य कराए राशि निकाली गई है, तो सभी पंचायतों का भौतिक सत्यापन कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

मुख्य बिंदु

 

5 ग्राम पंचायतों को डीएमएफ से ₹2-2 लाख की स्वीकृति।

सभी जगह बोर खनन, सबमर्सिबल पंप और सिंटेक्स टंकी स्थापना का कार्य प्रस्तावित।

पहाड़गांव में काम होने के बाद भी बिजली नहीं, योजना बंद।

कई पंचायतों में राशि निकलने के बाद भी कार्य शुरू नहीं।

जनपद सीईओ को जानकारी नहीं होने का दावा।

सरकारी राशि के दुरुपयोग और गबन की आशंका।

जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग।

 

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