अंबिकापुर: पत्रकारिता जगत में अपनी निर्भीकता और निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले कुमार जितेन्द्र जायसवाल की सरगुजा में भव्य वापसी हुई। एक वर्ष बाद गृह जिले लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर महापौर मंजूषा भगत ने स्वयं उनका अभिनंदन किया।
अभिनंदन यात्रा बनी ऐतिहासिक पल, पत्रकारों और समाजसेवियों का उमड़ा सैलाब
कुमार जितेन्द्र जायसवाल की घर वापसी के उपलक्ष्य में अंबिकापुर में एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई, जिसमें पत्रकारों, समाजसेवियों, युवाओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। यह यात्रा विभिन्न प्रमुख स्थलों से होते हुए उनके निवास स्थान ग्राम पंचायत डिगमा तक पहुंची।
पत्रकारिता में संघर्ष और निडरता की मिसाल
कुमार जितेन्द्र जायसवाल का जन्म सरगुजा जिले के अंबिकापुर में हुआ। बचपन से ही वे सामाजिक बुराइयों और अन्याय के खिलाफ मुखर रहे। उन्होंने पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा का माध्यम बनाया। उनके बेबाक लेखन और निष्पक्ष रिपोर्टिंग ने उन्हें पत्रकारों के बीच प्रेरणास्रोत बना दिया।
उन्होंने अपने करियर में कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन सत्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कभी नहीं डगमगाई। सत्ता पक्ष और प्रभावशाली व्यक्तियों की आलोचना करने के कारण उन्हें कई बार धमकियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी समझौता नहीं किया।

महापौर ने कहा – होता तो स्वागत और भव्य
महापौर मंजूषा भगत ने कहा, “अगर मुझे पहले से जानकारी होती तो यह स्वागत समारोह और भव्य तरीके से आयोजित किया जाता।” उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी और सरकार और मीडिया कर्मियों के बीच की दूरी को कम किया जाएगा।
स्वागत यात्रा के प्रमुख पड़ाव
📍 यात्रा की शुरुआत शासकीय वेलकम गेट, बिलासपुर रिंग रोड से हुई।
📍 बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
📍 गांधी चौक, महामाया मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और नवापारा चर्च होते हुए यात्रा आगे बढ़ी।
📍 अंततः यह रोड शो उनके निवास स्थान ग्राम पंचायत डिगमा पहुंचकर संपन्न हुआ।
संपूर्ण छत्तीसगढ़ से पहुंचे गणमान्य लोग
इस ऐतिहासिक स्वागत समारोह में न सिर्फ अंबिकापुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ से गणमान्य नागरिक, पत्रकार और समाजसेवी शामिल हुए। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहा और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद की गई।
पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम मानते हैं कुमार जितेन्द्र
कुमार जितेन्द्र जायसवाल ने पत्रकारिता को केवल खबरों तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया। उन्होंने हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज उठाई और भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया।
उनकी सरगुजा वापसी पर पूरे पत्रकारिता जगत सहित आम जनता में भी जबरदस्त उत्साह देखा गया।









