नई औद्योगिक नीति के 125 दिनों में मिले 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के विभागों को 965.18 करोड़ रुपए की अनुदान राशि स्वीकृत की गई। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 709.87 करोड़ रुपए तथा श्रम विभाग के लिए 255.31 करोड़ रुपए शामिल हैं।
नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा
मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 को राज्य की आर्थिक प्रगति का आधार बनाया गया है। इस नीति के तहत श्रम-प्रधान उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे अधिकतम रोजगार सृजित हो सके। 1000 से अधिक रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का प्रावधान रखा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में स्थानीय श्रमिकों को औपचारिक रोजगार दिलाने के लिए प्रति व्यक्ति 15,000 रुपए तक प्रशिक्षण अनुदान दिया जाएगा। साथ ही, उद्योगों में नियोजित कर्मचारियों के ईपीएफ व्यय की प्रतिपूर्ति की भी व्यवस्था की गई है।
1 लाख करोड़ से अधिक के 31 निवेश प्रस्ताव मिले
मंत्री देवांगन ने बताया कि औद्योगिक नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण महज 125 दिनों में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कुल 31 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से पॉलीमेटेड इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा 1143 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया गया है, जिसके तहत नवा रायपुर में प्लांट स्थापित किया जाएगा।
इसी तरह, यस फैन एंड अप्लायंसेज और रेक बैंक डाटा सेंटर ने भी नवा रायपुर में उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि का चयन कर लिया है। अब्रेल ग्रीन एनर्जी ने मुंगेली जिले में सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए भूमि चिन्हित की है।
औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार
मंत्री देवांगन ने बताया कि वर्तमान में 34 औद्योगिक क्षेत्रों/पार्कों की स्थापना हो चुकी है, और आने वाले समय में 4 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। इसके तहत—
✅ रायपुर में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क और प्लास्टिक पार्क
✅ नवा रायपुर में फार्मास्युटिकल पार्क
✅ जांजगीर-चांपा में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क स्थापित किए जाएंगे।
राज्य के शिक्षित बेरोजगारों को उद्यम स्थापित करने में मदद के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया योजना और छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना चलाई जा रही हैं, जिनके तहत ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा दी जाएगी।
श्रम विभाग के लिए 255.31 करोड़ का प्रावधान
मंत्री देवांगन ने बताया कि श्रम विभाग के बजट में 255.31 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत—
✅ श्रमायुक्त संगठन: 29.40 करोड़
✅ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल: 125.10 करोड़
✅ श्रम कल्याण मंडल: 6.24 करोड़
✅ औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: 6.24 करोड़
✅ ईएसआई सेवाओं: 64.18 करोड़
✅ औद्योगिक न्यायालय: 22.85 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का होगा विस्तार
मंत्री देवांगन ने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना को प्रदेश के सभी जिलों में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत मजदूरों को सस्ते दर पर भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में 19 जिलों में 47 भोजन केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिसे अगले वित्तीय वर्ष में सभी जिलों तक विस्तारित किया जाएगा।
नए औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्रों का निर्माण
बजट में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के लिए नया रायपुर में कार्यालय निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राजनांदगांव, जगदलपुर, कोंडागांव, बालोद, महासमुंद और बिलासपुर में नए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 15.60 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
निवेशकों के लिए “इन्वीटेशन टू इन्वेस्ट” की नीति
मंत्री देवांगन ने बताया कि पिछली सरकार में बिना ठोस योजना के एमओयू किए जाते थे, जिससे राज्य को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। वर्तमान सरकार ने “इन्वीटेशन टू इन्वेस्ट” की नीति अपनाई है, जिसमें निवेशक अपनी रुचि लिखित में प्रस्तुत करते हैं। इस प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ी है और औद्योगिक विकास को गति मिली है।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति से निवेश को जबरदस्त बढ़ावा मिल रहा है। मात्र 125 दिनों में 1 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव इस नीति की सफलता को दर्शाते हैं। सरकार का लक्ष्य स्थानीय रोजगार बढ़ाना और प्रदेश को औद्योगिक हब बनाना है। आगामी वर्षों में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक, व्यापारिक और श्रम सुधारों के नए आयाम देखने को मिल सकते हैं।









