➡️ विधानसभा में गूंजा धान खरीदी घोटाले का मामला
➡️ 46 मामलों में अनियमितता, FIR और निलंबन की कार्रवाई
➡️ विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा, पारदर्शिता की मांग
रायपुर: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में अब तक 46 मामलों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। इस मुद्दे को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने उठाया और सरकार से जवाब मांगा।
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने लिखित जवाब में बताया कि धान खरीदी केंद्रों पर कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है, जिसके चलते 71 कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
गड़बड़ी में लिप्त पाए गए कर्मचारियों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है:
✔ 8 मामलों में 22 कर्मचारियों पर FIR दर्ज
✔ 5 कर्मचारियों को निलंबित किया गया
✔ 13 कर्मचारियों को नोटिस जारी
✔ 21 कर्मचारियों को धान खरीदी कार्य से हटाया गया
✔ 2 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया
नेता प्रतिपक्ष ने मांगा किसानों का डेटा
डॉ. चरण दास महंत ने सरकार से यह भी पूछा कि कितने पंजीकृत किसानों ने धान बेचा और कितने अब तक नहीं बेच पाए। हालांकि, खाद्य मंत्री ने अभी तक इस सवाल का जवाब नहीं दिया है।
विपक्ष ने सरकार से पारदर्शिता की मांग की है और कहा कि किसानों के हितों को सुरक्षित रखने के लिए धान खरीदी प्रक्रिया में सख्ती बरती जानी चाहिए।









