जांजगीर-चांपा। विशेष रिपोर्ट।
जांजगीर-चांपा। “जोहार, जय छत्तीसगढ़ महतारी” के जयघोष के साथ 16 अगस्त 2026 को भेलाई में आयोजित जबर हरेली रैली में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और तीज-त्योहारों के प्रति लोगों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रैली में छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों और गांवों से बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़िया भाई-बंधु, दाई-बबा, दीदी-बहनी एवं युवा शामिल हुए। विशाल जनभागीदारी ने यह संदेश दिया कि आधुनिक दौर में भी छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहारों और अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति लोगों का प्रेम और जुड़ाव कायम है।
इस आयोजन में शामिल रहे प्रशांत कुमार साहू, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ क्रांति सेना अकलतरा खंड, ने कहा कि हरेली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, कृषि, लोकजीवन और संस्कृति से जुड़ी गहरी पहचान है। भेलाई में आयोजित रैली में उमड़ी भीड़ ने छत्तीसगढ़ की परंपराओं के प्रति लोगों की भावनात्मक एकजुटता को प्रदर्शित किया।
छत्तीसगढ़िया संस्कृति और अधिकारों की आवाज
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना को एक गैर-राजनीतिक सामाजिक संगठन के रूप में बताया गया है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ की स्थानीय भाषा, कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के साथ सामाजिक एकजुटता को मजबूत करना है। संगठन द्वारा स्थानीय लोगों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन, रोजगार तथा स्थानीय संसाधनों में प्राथमिकता जैसे मुद्दों को लेकर भी आवाज उठाने की बात कही जाती है।
रैली में छत्तीसगढ़ी भाषा, तीज-त्योहारों और स्थानीय संस्कृति को सहेजने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को एक व्यापक सामाजिक और सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया।
2 सितंबर को जांजगीर में होगी जबर रैली
इसी कड़ी में आगामी 2 सितंबर 2026 को जांजगीर शहर में जबर रैली आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। इस रैली में शामिल होने के लिए बलौदा से हरदी होते हुए जांजगीर तक बाइक रैली निकाली जाएगी। यह बाइक रैली जांजगीर खंड अध्यक्ष के तत्वावधान में आयोजित होगी।
आयोजकों के अनुसार बाइक रैली के लिए सुबह 10 बजे नीलकंठ पेट्रोल पंप, बलौदा से प्रस्थान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और तीज-त्योहारों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की गई है।
प्रशांत कुमार साहू ने सभी छत्तीसगढ़िया समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त करें तथा छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहारों का मान बढ़ाएं।
“जोहार… जय छत्तीसगढ़ महतारी”







