जांजगीर-चांपा। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
जांजगीर-चांपा/अकलतरा। नाग पंचमी के पावन पर्व पर अकलतरा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दल्हा पहाड़ श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर नजर आया। सुबह से ही पहाड़ की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र भक्तों की भीड़ से गुलजार हो उठा। बिलासपुर से करीब 40–45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दल्हा पहाड़ में आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार सहित दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

नाग पंचमी के अवसर पर नाग देवता की पूजा को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर नाग देवता से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, खुशहाली और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। पहाड़ पर दिनभर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही और पूरा वातावरण धार्मिक जयकारों एवं भक्तिभाव से गूंजता रहा।

आस्था के साथ दिखी छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा की झलक
दल्हा पहाड़ में नाग पंचमी का पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां स्थानीय परंपराओं और लोक मान्यताओं की भी झलक देखने को मिली। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं सहित हर उम्र के श्रद्धालु उत्साह के साथ पहाड़ पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ ने दल्हा पहाड़ की धार्मिक महत्ता और लोगों की गहरी आस्था को एक बार फिर उजागर किया।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु
बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने दर्शन-पूजन कर धार्मिक आस्था के इस पर्व में सहभागिता निभाई। नाग पंचमी के अवसर पर दल्हा पहाड़ में उमड़ी भीड़ ने पूरे क्षेत्र में उत्सव और भक्ति का माहौल बना दिया।

नाग पंचमी के पावन अवसर पर दल्हा पहाड़ में उमड़ा यह आस्था का सैलाब धार्मिक विश्वास, परंपरा और लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश करता नजर आया। श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी ने साबित कर दिया कि दल्हा पहाड़ आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था और विश्वास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।







