VACHANNEWS खास रिपोर्ट।
बिलासपुर/कोटा। कोटा विकास खंड ग्राम पंचायत करगी खुर्द का इतिहास अपनी अलग पहचान रखता है। स्थानीय मान्यता और पुराने समय की परंपराओं के अनुसार करगी खुर्द को लंबे समय से राजाओं के गांव के रूप में जाना जाता रहा है। ऐतिहासिक पहचान और ग्रामीण संस्कृति को अपने भीतर समेटे यह गांव अब विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है।
ग्राम पंचायत के सरपंच रविन्द्र कुमार सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पंचायत में वर्तमान कार्यकाल के 17 महीनों के दौरान लगभग 40 प्रतिशत विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। पंचायत क्षेत्र में ग्रामीणों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए सड़क, सीसी रोड सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है।
राजाओं के गांव की ऐतिहासिक पहचान, अब विकास की नई तस्वीर
करगी खुर्द सिर्फ एक सामान्य ग्रामीण क्षेत्र नहीं, बल्कि पुराने समय से अपनी ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाने वाला गांव बताया जाता है। राजाओं के दौर से जुड़ी स्थानीय स्मृतियां और ग्रामीणों के बीच प्रचलित ऐतिहासिक पहचान इस गांव को विशेष महत्व देती है।
समय के साथ गांव की सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियां बदलीं, लेकिन इसकी पारंपरिक पहचान आज भी ग्रामीणों के बीच कायम है। अब पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने से पुरानी विरासत के साथ आधुनिक सुविधाओं से गांव को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
17 महीनों में 40 प्रतिशत विकास कार्य पूरा होने का दावा
सरपंच के अनुसार पंचायत की जिम्मेदारी संभालने के बाद पिछले 17 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इनमें ग्रामीणों के आवागमन को बेहतर बनाने के लिए सड़क एवं सीसी रोड निर्माण जैसे कार्य प्रमुख हैं।
पंचायत का कहना है कि विकास कार्यों की प्राथमिकता ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर तय की जा रही है। जिन स्थानों पर आवागमन की परेशानी है, वहां सड़क और सीसी रोड जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा गांव की अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों की सुविधा और गांव के भविष्य पर फोकस
सरपंच के मुताबिक पंचायत का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि करगी खुर्द को सुविधासंपन्न और व्यवस्थित ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना है। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
आने वाले समय में शेष विकास कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप नए कार्यों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। पंचायत का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों और शासन की योजनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीणों को विकास का लाभ मिल सके।
क्षेत्रीय विधायक और सांसद के सहयोग से विकास को मिला जोर
ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को गति देने में क्षेत्रीय विधायक और सांसद के सहयोग का भी उल्लेख किया गया है। पंचायत की ओर से बताया गया कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांव में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।
पंचायत का लक्ष्य है कि आने वाले समय में करगी खुर्द में सड़क, सीसी रोड और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े शेष कार्यों को भी पूरा किया जाए, ताकि ऐतिहासिक पहचान रखने वाला यह गांव आधुनिक सुविधाओं के मामले में भी मजबूत पहचान बना सके।
विरासत के साथ विकास का संगम
करगी खुर्द की कहानी अब इतिहास और विकास के संगम की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। एक ओर जहां गांव की पहचान पुराने समय से राजाओं के गांव के रूप में बताई जाती है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान पंचायत के कार्यकाल में विकास कार्यों को गति देने का दावा किया जा रहा है।
17 महीनों में 40 प्रतिशत विकास कार्य पूरा होने का दावा पंचायत की प्रगति की तस्वीर पेश करता है। अब ग्रामीणों की नजर आने वाले समय में शेष विकास कार्यों पर है। यदि विकास की यह रफ्तार लगातार बनी रहती है, तो ऐतिहासिक पहचान वाला करगी खुर्द आने वाले वर्षों में बेहतर सड़क, मजबूत मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थित विकास के साथ एक नई पहचान बना सकता है।







