तिल्दा-नेवरा/रायपुर। विशेष रिपोर्ट।
WhatsApp पर आया मैसेज—“अर्जेंट है, QR कोड भेज दूं?”; सतर्क पत्रकार ने नहीं किया भुगतान, विधायक ने नंबर कम्प्रोमाइज होने की दी जानकारी
तिल्दा-नेवरा/रायपुर। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के मोबाइल नंबर से पत्रकार से ₹52 हजार की ऑनलाइन मांग किए जाने का मामला सामने आने के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। तिल्दा-नेवरा निवासी पत्रकार एवं खोज खबर छत्तीसगढ़ न्यूज के संपादक संतोष कुमार यदु को WhatsApp पर कथित तौर पर विधायक के नंबर से लगातार मैसेज भेजकर ₹52,000 ऑनलाइन ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। हालांकि, यदु की सतर्कता के चलते कोई राशि ट्रांसफर नहीं की गई।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बातचीत की शुरुआत इस संदेश से हुई कि UPI ब्लॉक हो गया है और ऑनलाइन पेमेंट करना है। इसके बाद सीधे ₹52 हजार की राशि मांगी गई। भुगतान के लिए QR Code भेजने की बात कही गई और लगातार जल्द से जल्द पैसा भेजने का दबाव बनाया गया।
“अर्जेंट है… QR कोड भेज दूं?”—लगातार आते रहे मैसेज
WhatsApp चैट के अनुसार, पत्रकार द्वारा जब पूछा गया कि “काय काम है?”, तो सामने से जवाब आया—“देना है अर्जेंट”। इसके बाद “QR कोड भेज दूं?”, “बोलो”, “क्या हुआ”, “कुछ बोलो” और “अर्जेंट है प्लीज” जैसे संदेश लगातार भेजे गए।
मामला संदिग्ध लगने पर संतोष कुमार यदु ने बिना कोई भुगतान किए पहले इसकी वास्तविकता जानने का निर्णय लिया।
भुगतान से पहले पत्रकार ने की पुष्टि की कोशिश
यदु ने विधायक अनुज शर्मा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद विधायक कार्यालय से भी संपर्क करने की कोशिश की गई।
संदेह बढ़ने पर उन्होंने मामले की जानकारी तिल्दा-नेवरा थाना प्रभारी को दी। पुलिस की ओर से भी बिना सत्यापन किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान नहीं करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

विधायक ने खुद दी नंबर कम्प्रोमाइज होने की जानकारी
इस मामले के बीच 6 अक्टूबर 2026 को विधायक अनुज शर्मा की ओर से लोगों को सतर्क किया गया कि उनके मोबाइल नंबर से लोगों को कॉल और मैसेज कर पैसों की मांग की जा रही है। उन्होंने अपने नंबर के हैक/कम्प्रोमाइज होने की जानकारी देते हुए लोगों से ऐसे किसी भी संदेश या कॉल पर भरोसा नहीं करने और पैसा ट्रांसफर नहीं करने की अपील की है। इस संबंध में विभिन्न समाचार माध्यमों ने भी विधायक की चेतावनी प्रकाशित की है।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य परिचय रिकॉर्ड में अनुज शर्मा को धरसींवा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 47 का विधायक दर्ज किया गया है।
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पहले पत्रकार तक पहुंचा संदेश, फिर सामने आई विधायक की चेतावनी
मामले की गंभीरता इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि विधायक की ओर से नंबर कम्प्रोमाइज होने की जानकारी सार्वजनिक किए जाने से पहले ही पत्रकार संतोष कुमार यदु के मोबाइल पर इसी नंबर से ₹52 हजार की तत्काल ऑनलाइन मांग की गई थी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा रहा है कि संदेश स्वयं विधायक अनुज शर्मा ने भेजे थे। विधायक द्वारा नंबर कम्प्रोमाइज होने की जानकारी दिए जाने के कारण मामले को संभावित साइबर धोखाधड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें
यह घटना लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी है। किसी परिचित, जनप्रतिनिधि, अधिकारी या प्रतिष्ठित व्यक्ति के नंबर से अचानक पैसे मांगने वाला संदेश आए तो सिर्फ नंबर देखकर भरोसा न करें।
सावधानी के लिए—
पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से दूसरे नंबर पर फोन कर पुष्टि करें।
अनजान QR Code को स्कैन करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और विवरण जांचें।
UPI PIN, OTP और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
किसी भी संदिग्ध लेनदेन या साइबर ठगी के प्रयास की तत्काल पुलिस अथवा साइबर सेल को सूचना दें।
सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।






