सूरजपुर। विशेष रिपोर्ट।
जमीन विवाद ने लिया खौफनाक रूप, 40 वर्षीय महिला के साथ चार महिलाओं ने की कथित बर्बरता; पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा न्यायिक रिमांड पर
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से अंधविश्वास और आपसी विवाद का एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। रामानुजनगर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर सोरीपारा गांव में 40 वर्षीय महिला पर टोनही होने का आरोप लगाकर उसके साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार और मारपीट की गई। आरोप है कि विवाद के दौरान महिला के कपड़े उतारकर उसे पेड़ से बांध दिया गया और जान से मारने की धमकी देते हुए बेरहमी से पीटा गया। घटना में महिला के सिर, कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं।
बाड़ी में उड़द तोड़ रही थी महिला, तभी शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह गोंड समाज की बजारो बाई अपने घर की बाड़ी में उड़द के फल तोड़ रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली धनमतिया वहां पहुंची। आरोप है कि जमीन विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई और धनमतिया ने बजारो बाई पर टोनही होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने के बाद धनमतिया की बहू सहित दो अन्य महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं। आरोप है कि इसके बाद चारों महिलाओं ने मिलकर बजारो बाई के साथ मारपीट की।
पेड़ से बांधकर की कथित मारपीट
पीड़िता के आरोप के मुताबिक, मारपीट के बाद उसके कपड़े उतार दिए गए और उसे एक पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद भी कथित रूप से उसके साथ मारपीट जारी रही और जान से मारने की धमकी दी गई।
महिला के साथ हो रहे इस अमानवीय व्यवहार की जानकारी जब आसपास के ग्रामीणों और परिजनों को हुई तो वे मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया। इसके बाद महिला को पेड़ से मुक्त कराया गया।
सिर और कमर समेत कई जगह चोटें
मारपीट में बजारो बाई के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। सिर, कमर सहित अन्य जगहों पर चोट लगने की बात सामने आई है। घटना के बाद पीड़िता के पति ने रामानुजनगर थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने चारों आरोपियों को दबोचा
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 76, 127(2), 296, 351(3), 115(2), 3(5) तथा टोनही प्रताड़ना अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया।
मामले में पुलिस ने चारों आरोपी महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 19 अक्टूबर तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
अंधविश्वास के खिलाफ कानून सख्त, फिर भी सामने आ रही ऐसी घटनाएं
छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून में कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके बावजूद अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों और आपसी विवादों के चलते महिलाओं को प्रताड़ित किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं।
सूरजपुर की यह घटना भी इसी गंभीर सामाजिक समस्या की ओर इशारा करती है। जमीन विवाद से शुरू हुआ विवाद कथित तौर पर टोनही के आरोप तक पहुंचा और फिर महिला के साथ बर्बरता की गई। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है।






