बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 12 मई 2025 (सोमवार) से 6 जून 2025 (शुक्रवार) तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) की घोषणा कर दी है। हालांकि अवकाश के दौरान भी न्यायिक कार्य पूरी तरह से बंद नहीं रहेगा। जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अवकाश पीठ (Vacation Bench) का गठन किया गया है, जो चयनित तिथियों में न्यायिक कार्य करेगी।
इन तारीखों को चलेगी न्यायिक सुनवाई
ग्रीष्मावकाश के दौरान 13, 15, 20, 22, 27 और 29 मई तथा 3 और 5 जून 2025 को विशेष पीठों का गठन किया जाएगा। इन पीठों में केवल जरूरी और अर्जेंट मामलों की सुनवाई की जाएगी। प्रत्येक बेंच का समय प्रातः 10:30 बजे से निर्धारित किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर न्यायाधीश नियत समय के बाद भी कार्य कर सकेंगे।
सभी नए मामलों की होगी फाइलिंग, जमानत याचिकाओं को मिलेगी प्राथमिकता
अवकाश अवधि के दौरान सिविल, आपराधिक और रिट मामलों की नई फाइलिंग (New Case Filing) जारी रहेगी। खासकर जमानत याचिकाओं (Bail Applications) के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिन्हें तत्काल सुनवाई के लिए अलग से आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।
हालांकि, अन्य मामलों में अगर तत्काल सुनवाई की जरूरत हो, तो उसके लिए अलग से अनुरोध किया जाना आवश्यक होगा।
रजिस्ट्री कार्यालय खुला रहेगा, फाइलिंग पर नहीं पड़ेगा असर
कोर्ट परिसर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय (High Court Registry) ग्रीष्मावकाश के दौरान नियमित रूप से खुले रहेंगे। कार्यालय का समय प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है। शनिवार, रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन कार्यालय बंद रहेगा।
कैसे होंगे मामलों की सूचीबद्धता?
यदि कोई मामला निर्धारित पीठ के सामने नहीं पहुंच पाता है, तो उसे अगली कार्यशील बेंच के समक्ष अलग सूची के अंतर्गत प्रस्तुत किया जाएगा।
सामान्य कार्यदिवस में दोपहर 1:30 बजे तक फाइल किए गए मामले अगले दिन की पीठ में सूचीबद्ध होंगे। संबंधित कारण सूची (Cause List) एक दिन पूर्व ही प्रकाशित कर दी जाएगी।
विशेष स्थिति में बेंच में हो सकता है बदलाव
अगर किसी कारण से अवकाश न्यायाधीश न्यायिक कार्य करने में असमर्थ होते हैं, तो मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) की अनुमति से उनके स्थान पर अन्य न्यायाधीशों के साथ नई पीठ का गठन किया जा सकता है।
नोट: इस संबंध में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। अदालत का नियमित कार्य 9 जून 2025 (सोमवार) से दोबारा प्रारंभ होगा।









