ऑपरेशन सिंदूर की नेतृत्वकर्ता और बहादुर अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने हाल ही में एक जनसभा के दौरान कर्नल कुरैशी को “आतंकियों की बहन” कहकर संबोधित किया, जिस पर विपक्ष समेत कई सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
भाजपा नेतृत्व ने जताई नाराजगी
विवाद बढ़ने पर भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने विजय शाह से बंद कमरे में बातचीत कर स्पष्टीकरण मांगा। बताया जा रहा है कि शर्मा ने मंत्री के बयान पर असंतोष जाहिर करते हुए उन्हें सार्वजनिक जीवन में संयमित भाषा का प्रयोग करने की सख्त हिदायत दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और मंत्री को बयान देने से पहले सोचने की सलाह दी। भाजपा हाईकमान ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है।
विजय शाह ने मांगी माफी
बढ़ते विवाद को देखते हुए मंत्री विजय शाह ने सफाई पेश की है। उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुँचाना नहीं था। बयान मजाक में कह दिया गया था। यदि मेरे शब्दों से कर्नल सोफिया या किसी समुदाय को ठेस पहुंची है, तो मैं दस बार माफी मांगता हूँ। सोफिया बहन ने देश के लिए जो किया है, वह काबिले-तारीफ है। उन्होंने अपने समुदाय से ऊपर देश को रखा। वे मेरी सगी बहन से भी बढ़कर हैं।”
क्या था विवादित बयान?
13 मई को महू में आयोजित एक जनसभा में मंत्री विजय शाह ने कहा था, “जिन लोगों ने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े, हमने उन्हीं कटे-फटे लोगों के खिलाफ उनकी एक बहन को भेजकर बदला लिया। मोदी जी ने उनकी बहन (कर्नल सोफिया कुरैशी) को भेजा ताकि वह आतंकियों को जवाब दे सके।”
विवादों से रहा है पुराना नाता
कुंवर विजय शाह, जो हरसूद से आठ बार विधायक रह चुके हैं, पहले भी कई बार विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। 2013 में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी को लेकर टिप्पणी की थी, जबकि 2018 में ट्रांसजेंडर समुदाय पर की गई उनकी टिप्पणी ने भी विवाद खड़ा किया था। 2022 में उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कटाक्ष किया था और 2024 में पिकनिक पर दिए गए बयान को लेकर भी आलोचना झेली थी।
कर्नल सोफिया कुरैशी जैसे जांबाज़ अफसर के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए राजनीतिक नेताओं को अपनी भाषा और भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। भाजपा ने मंत्री विजय शाह पर कार्रवाई के संकेत दे दिए हैं, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या आने वाले समय में पार्टी उनके खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाती है।










