बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | श्री गोपाल कामधेनु गौ सेवा धाम समिति, जो पिछले 23 वर्षों से घायल और पीड़ित गौवंश की सेवा में समर्पित है, ने आज जिले के कलेक्टर को 5 प्रमुख माँगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। समिति ने प्रशासन से गौ तस्करी पर कठोर कार्रवाई और घायल गौवंश के इलाज के लिए संसाधनों की व्यवस्था की माँग की है।
प्रमुख माँगें:
1. गौ सेवा हॉस्पिटल के लिए 5 एकड़ भूमि का आवंटन – समिति बिना किसी सरकारी सहयोग के वर्षों से सेवा कर रही है। अब स्थायी चिकित्सालय निर्माण के लिए ज़मीन की आवश्यकता है।
2. गौ तस्करी के अड्डों पर रोक – कुठी घाट, तखतपुर और रतनपुर के मवेशी बाजार गौ तस्करी के केंद्र बन चुके हैं। मस्तूरी क्षेत्र में 16 से अधिक तस्करों के पास से अवैध हथियार बरामद किए जा चुके हैं।
3. डॉ. राम ओतलवार को निलंबित करने की माँग – जिला पशु चिकित्सालय के डॉक्टर पर लगातार अभद्रता और लापरवाही के आरोप हैं। गौ सेवा आयोग भी उनके विरुद्ध कार्यवाही की संस्तुति कर चुका है।
4. सरकारी डॉक्टर की प्रतिदिन दो घंटे की सेवा – घायल गौवंश को समय पर उपचार मिल सके, इसके लिए हर सुबह एक सरकारी पशु चिकित्सक की सेवा अनिवार्य की जाए।
5. गौवंश परिवहन हेतु एम्बुलेंस की व्यवस्था – घायल गायों को वर्तमान में निजी वाहनों में लाना पड़ता है, जिससे उनकी पीड़ा और बढ़ जाती है। समिति ने एक समर्पित एम्बुलेंस की माँग की है।
आंदोलन की चेतावनी
समिति ने चेताया कि यदि एक माह के भीतर इन माँगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो मस्तूरी से बिलासपुर तक तीन दिवसीय दण्डवत पदयात्रा निकाली जाएगी और फिर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपते समय उपस्थित रहे:
ओमेश बिसेन (रायपुर), मनजीत सिंह, बाबा शर्मा, विपुल शर्मा, शत्रुघ्न, कृष्ण गोपाल, रामानुजदास, शुभम शुक्ला, शिवांश पांडेय, विशु साहू, मनोज अग्रवाल, जितेन्द्र जांगड़े, बाबा सोमवार, विष्णु पुरोहित सहित कई गौ सेवक।
समिति ने अपील की है कि इन जनहित के मुद्दों पर प्रशासन त्वरित और संवेदनशील निर्णय ले, जिससे गौ संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।








