कोरिया/बैकुंठपुर। विशेष रिपोर्ट।
छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में भी दिखा चुके हैं शानदार खेल कौशल, 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग में बांटी खेल में हासिल किया था राज्य स्तर पर दूसरा स्थान
कोरिया/बैकुंठपुर। जिले के जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खरवत के होनहार बाल खिलाड़ी निलेश कुमार प्रजापति ने अपनी खेल प्रतिभा से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। निलेश कुमार प्रजापति का अंडर-14 आयु वर्ग में राज्यस्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से ग्राम खरवत सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।
निलेश की इस सफलता को उनकी निरंतर मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम माना जा रहा है। कम उम्र में ही उन्होंने खेल के मैदान पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया है कि ग्रामीण अंचलों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है तो केवल उन्हें उचित अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की।
निलेश कुमार प्रजापति इससे पहले भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग में बांटी खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था। इस उपलब्धि ने उनकी खेल क्षमता को पहले ही प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई थी।
अब फुटबॉल में अंडर-14 राज्यस्तरीय चयन के बाद निलेश ने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। लगातार अलग-अलग खेलों में बेहतर प्रदर्शन करना उनकी बहुमुखी खेल प्रतिभा को दर्शाता है।
खेल प्रतिभा को परिवार से भी मिला प्रोत्साहन
निलेश कुमार प्रजापति श्री कृष्णा प्रजापति जी के भतीजे हैं। कृष्णा प्रजापति स्वयं भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से जुड़े खेल आयोजनों में सक्रिय रहे हैं और खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कृष्णा प्रजापति को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के विभिन्न मैचों में प्रदेशभर में सर्वाधिक राशि एवं पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में स्थान मिला है।
ऐसे खेल माहौल और परिवार के प्रोत्साहन के बीच निलेश का आगे बढ़ना युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश है। परिवार में खेल के प्रति रुचि और लगाव ने निश्चित रूप से निलेश को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया है।
ग्रामीण अंचल की प्रतिभा को मिला बड़ा मंच
निलेश कुमार प्रजापति का राज्यस्तरीय फुटबॉल के लिए चयन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि ग्राम खरवत और बैकुंठपुर क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि गांवों की मिट्टी में पली-बढ़ी प्रतिभाएं भी उचित अवसर मिलने पर राज्य स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक बच्चे खेलों में रुचि रखते हैं, लेकिन संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण उनकी प्रतिभा कई बार सामने नहीं आ पाती। ऐसे में निलेश जैसे खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन सकती हैं और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं।
निलेश के राज्यस्तरीय फुटबॉल चयन पर क्षेत्रवासियों, खेलप्रेमियों और शुभचिंतकों ने खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। अब सभी की निगाहें राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में निलेश के प्रदर्शन पर टिकी हैं। उम्मीद है कि वह अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल भावना के दम पर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्राम खरवत, बैकुंठपुर और कोरिया जिले का नाम रोशन करेंगे।
ग्रामीण अंचल से राज्यस्तर तक पहुंची निलेश की यह खेल यात्रा निश्चित रूप से क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी बन रही है।








