दुनिया एक बार फिर कोरोना वायरस के खतरे की चपेट में आती दिख रही है। इस बार चिंता का कारण बना है वायरस का नया वेरिएंट JN.1, जिसने कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेज़ी ला दी है। पिछली बार की तरह, यह वायरस भी जीवन के हर पहलू को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। लॉकडाउन, वर्क फ्रॉम होम और सामाजिक दूरी जैसे अनुभवों की यादें अब भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा हैं, और अब फिर से वही भय का माहौल बनने लगा है।
क्या है JN.1 वेरिएंट?
JN.1 वेरिएंट पहली बार अगस्त 2023 में सामने आया था। यह ओमिक्रॉन परिवार का हिस्सा है और BA.2.86 नामक सब-वेरिएंट से विकसित हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस वेरिएंट में अधिक म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसे अत्यधिक संक्रामक बनाते हैं। यही वजह है कि यह पहले के वेरिएंट्स की तुलना में तेजी से फैलता है।
JN.1 के लक्षण
CDC (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, JN.1 के लक्षण फिलहाल अन्य ओमिक्रॉन वेरिएंट्स जैसे ही प्रतीत हो रहे हैं।
प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
नाक बहना
सूखी खांसी
बुखार
गले में खराश
सिरदर्द
उल्टी या मतली
दस्त
ठंड लगना
भारत में कितना बड़ा खतरा?
भारत में JN.1 को लेकर अभी तक घबराने की जरूरत नहीं मानी जा रही है। चूंकि देश की बड़ी आबादी पहले ही ओमिक्रॉन और इसके सब-वेरिएंट्स के संपर्क में आ चुकी है, इस कारण लोगों में हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है। फिर भी, केंद्र सरकार लगातार निगरानी बनाए हुए है और जनता से वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज़ लगवाने की अपील की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2024 में दिल्ली में JN.1 का पहला मामला सामने आया था।
कैसे करें बचाव?
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें
मास्क पहनना न भूलें
हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और सैनिटाइज़र साथ रखें
मुंह और नाक को ढककर रखें
कौन हैं ज्यादा जोखिम में?
इस वेरिएंट से हर उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन विशेष रूप से बुजुर्ग, कम प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग और वैक्सीनेशन न करवाने वाले अधिक जोखिम में हैं। हांगकांग जैसे देशों में अधिकतर मौतें वरिष्ठ नागरिकों में दर्ज की गई हैं।










