हरित भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल: सेव अर्थ मिशन ने शुरू किया “क्लीन क्लाइमेट संकल्प उत्सव 2025”

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नई दिल्ली। भारत को पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त और टिकाऊ भविष्य की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से सेव अर्थ मिशन द्वारा “क्लीन क्लाइमेट संकल्प उत्सव 2025” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मिशन के मुख्यालय से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की शुरुआत की गई, जिसने पूरे देश में भावनात्मक और सामाजिक चेतना का संचार कर दिया।

इस अनूठी पहल में हजारों पर्यावरण प्रेमी, छात्र-छात्राएं, वरिष्ठ नागरिक, स्वयंसेवी, कॉरपोरेट प्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल हुए। इस अभियान का उद्देश्य हर भारतीय को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित भारत के विजन को समर्पित है, जिसके तहत पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जा रहा है।

2040 तक 3000 करोड़ वृक्ष: सेव अर्थ मिशन का संकल्प

सेव अर्थ मिशन ने वर्ष 2040 तक 3000 करोड़ वृक्षों के रोपण का संकल्प लिया है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो यह विश्व का सबसे बड़ा पर्यावरणीय जनांदोलन बन सकता है। अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरण सुधार है, बल्कि सामाजिक और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करना है।

“एक पेड़ मां के नाम”: भावना और जिम्मेदारी का संगम

यह केवल वृक्षारोपण का अभियान नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के भीतर छिपी मातृत्व-संवेदना और धरती मां के प्रति जिम्मेदारी को जागृत करने का प्रयास है। जब कोई अपनी मां के नाम पर एक वृक्ष लगाता है, तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन, प्रकृति और संरक्षण का संदेश छोड़ता है।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 7:00 बजे गणेश वंदना, दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण से हुआ। इसके बाद देशभर से आए पर्यावरण विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख व्यक्तित्वों ने विचार साझा किए। शाम 7:20 से रात 9:00 बजे तक सभी वक्ताओं ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

सेव अर्थ मिशन इंडिया चैप्टर के नेशनल प्रेसिडेंट श्री संदीप चौधरी ने “दुनिया की सबसे बड़ी क्लाइमेट चेंज केस स्टडी” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी से जलवायु संकट का समाधान संभव है।

भावी पीढ़ियों के लिए हरियाली का उपहार

7 बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक धन मोहन अग्रवाल ने इसे भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति का उपहार बताया। उन्होंने कहा, “प्रकृति को जो देंगे, वही वह लौटाएगी—जीवन, शुद्धता और संतुलन।”

Urbanization Rethinking पहल के संस्थापक सी.के. उंडकट ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ संभव हैं, यदि सोच सेव अर्थ मिशन जैसी हो।

वरिष्ठ समाजसेवी कल्याण चांपावत ने इसे जनजागरण का अभियान बताया और कहा कि हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही यह संकल्प साकार होगा।

संदेश: एक पेड़ लगाइए – एक मां को सम्मान, एक पीढ़ी को जीवन

सेव अर्थ मिशन की इस ऐतिहासिक पहल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक वृक्ष केवल पौधा नहीं, बल्कि श्रद्धा, जिम्मेदारी और भविष्य की आशा है।
“एक पेड़ लगाइए, एक मां को सम्मान दीजिए, एक पीढ़ी को जीवन दीजिए।”

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