क्लब-बार संचालकों पर कसा शिकंजा: रायपुर में महिलाओं की फ्री एंट्री और ड्रिंक्स पर प्रतिबंध

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रायपुर । रायपुर शहर में हालिया विवादित घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन सख्त हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लाल उम्मेद के नेतृत्व में सिविल लाइंस स्थित सी-04 भवन में आयोजित बैठक में शहर के 100 से अधिक होटल, क्लब और बार संचालकों को नए दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब किसी भी क्लब या बार में महिलाओं को फ्री एंट्री और मुफ्त शराब देने की अनुमति नहीं होगी। एसएसपी ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ये निर्देश हुए जारी:

सभी क्लब व बार संचालकों को वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से रखने और समयानुसार संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

किसी भी विशेष आयोजन के लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।

प्रमुख गेट, कार्यक्रम स्थल, पार्किंग आदि पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और उनका डेटा कम से कम एक माह तक सुरक्षित रखा जाए।

रूम एंट्री के समय आधार कार्ड, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं।

क्लब/बार में कार्यरत बाउंसर और अन्य स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।

पार्किंग स्थल पर निगरानी के साथ-साथ विशेष आयोजनों में भाग लेने वाले कलाकारों और इवेंट टीम की जानकारी भी संबंधित थाने को दी जाए।


सामाजिक जिम्मेदारी पर भी ज़ोर

पुलिस ने क्लब संचालकों से फ्री एंट्री और फ्री ड्रिंक्स जैसी प्रथाओं पर पुनर्विचार करने को कहा और उन्हें अपने व्यवसाय के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी सलाह दी। सूखे नशे के प्रयोग पर निगरानी रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया।

महादेव घाट घटना के बाद सख्ती

गौरतलब है कि हाल ही में महादेव घाट में युवक-युवतियों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हुआ है। घटना में कोरबा और बिलासपुर की लड़कियों के साथ अभद्रता और हाथापाई की गई, जिसमें एक लड़की की उंगली कटने और अन्य को गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है। घटना की शिकायत डीडी नगर थाने में दर्ज की गई है और पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

एसएसपी ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे, ताकि शहर में सामाजिक शांति बनी रह सके।

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