पूर्व आपराधिक पृष्ठभूमि वाले ABVP नेता का अपहरण, सनसनी मची
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शनिवार को दिनदहाड़े एक सनसनीखेज घटना सामने आई। कथित एबीवीपी (ABVP) छात्र नेता और पूर्व में लूट के मामले में जेल जा चुके करण गुप्ता का पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र से अपहरण कर लिया गया।
चाय दुकान से किया अपहरण, काली थार में जबरन बैठाया
जानकारी के मुताबिक, करण गुप्ता अपने दोस्त अंशुल तिवारी के साथ चाय पी रहा था, तभी एक काली Thar गाड़ी आकर रुकी। उसमें सवार गौतम सोना नामक युवक अपने चार साथियों के साथ उतरा और करण को जबरन गाड़ी में बैठाकर रायपुर की ओर ले जाने लगा।
एसपी ऑफिस में शिकायत बना विवाद की जड़
करण गुप्ता ने कुछ दिन पहले दुर्ग एसपी कार्यालय में गौतम सोना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में करण ने दावा किया था कि पहले ड्राइवर रहे गौतम की अचानक बढ़ी रईसी और महंगी गाड़ियों ने उसे शक में डाल दिया था। उसका अंदेशा था कि गौतम अवैध गतिविधियों में शामिल है।
गाड़ी हुई खराब, मौके का फायदा उठाकर भाग निकला करण
रायपुर की ओर ले जाते वक्त बीच रास्ते में गाड़ी अचानक खराब हो गई। इसी दौरान करण किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल हुआ और अपने दोस्त अंशुल के साथ भिलाई-3 थाना पहुंचा। वहां उसने पूरी घटना की जानकारी दी और लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई।
गौतम सोना और चार अन्य के खिलाफ FIR दर्ज
पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए गौतम सोना समेत पांच आरोपियों पर अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एक विशेष जांच टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
दोनों पक्षों का आपराधिक रिकॉर्ड, पुरानी रंजिश आई सामने
पुलिस सूत्रों के अनुसार, करण गुप्ता पूर्व में लूट के मामले में जेल जा चुका है। वहीं, आरोपी गौतम सोना से उसकी पुरानी रंजिश पहले भी चर्चा में रह चुकी है। यह मामला दो पूर्व परिचितों के आपसी टकराव से उपजा एक गंभीर आपराधिक मोड़ ले चुका है।
CCTV, मोबाइल लोकेशन और गवाहों पर आधारित जांच शुरू
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
राजनीतिक संरक्षण की नहीं बचेगी कोई ढाल: पुलिस
दुर्ग पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे उसका संबंध किसी राजनीतिक दल या छात्र संगठन से क्यों न हो।










