जानिए छत्तीसगढ़ टॉपर दर्शित जैन की सफलता की कहानी और पूरे राज्य के NEET 2025 रिजल्ट का विश्लेषण
भिलाई के दर्शित जैन ने रचा इतिहास, NEET 2025 में छत्तीसगढ़ टॉप कर हासिल की 524वीं रैंक
NEET UG 2025 का परिणाम छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण लेकर आया। भिलाई निवासी दर्शित जैन ने 99.97 प्रतिशताइल और 524वीं ऑल इंडिया रैंक के साथ राज्य में टॉप किया। दर्शित की यह सफलता मेहनत, अनुशासन और संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है।

कविता और क्रिकेट से मिला मानसिक संतुलन, बिना तय टाइमटेबल की गहराई वाली पढ़ाई
दर्शित जैन ने 9वीं कक्षा से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने कोई सख्त टाइमटेबल नहीं बनाया, बल्कि जब पढ़ाई का मन होता, तब पूरा ध्यान लगाकर पढ़ते थे। खुद से नोट्स तैयार करना, शिक्षकों से लगातार डाउट क्लियर करना और दोस्तों से चर्चा करना उनकी पढ़ाई की खासियत रही।
तनाव से बचने के लिए दर्शित ने गली क्रिकेट खेला, कविता लिखी और हैरी पोटर की किताबें पढ़ीं। उनका सपना है कि वे एम्स भोपाल से न्यूरोलॉजी में एमडी करें और एक न्यूरो सर्जन बनें।
शिक्षकों की नजर में मेहनती और अनुशासित छात्र
दर्शित के शिक्षक विनय सिंह बताते हैं कि वह शुरू से ही बेहद अनुशासित और शिक्षकों की बात को गंभीरता से लेने वाला छात्र रहा है। उनके मुताबिक दर्शित की सफलता में नियमितता, संयम और परिवार का सहयोग सबसे बड़ी ताकत रहे हैं।
छत्तीसगढ़ से रिकॉर्ड 43,718 छात्रों ने दी परीक्षा, आधे से अधिक रहे सफल
NEET 2025 में छत्तीसगढ़ से 45,226 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 43,718 ने परीक्षा में हिस्सा लिया। इनमें से 22,261 छात्र सफल रहे, जो कि 50.91% सफलता दर है। यह आंकड़ा 2019 के मुकाबले दोगुना है, जब केवल 12,456 छात्र सफल हुए थे। यह राज्य में मेडिकल शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि और तैयारी को दर्शाता है।
टॉपर की रैंक घटी, फिर भी प्रदर्शन स्थिर और प्रभावशाली
हालांकि इस बार राज्य टॉपर की रैंक पिछले साल की तुलना में थोड़ी पीछे रही, लेकिन कुल मिलाकर रिजल्ट स्थिर रहा। पिछले साल 22,313 छात्रों ने परीक्षा पास की थी, जो इस बार घटकर 22,261 हो गई — यानी केवल 52 छात्रों की गिरावट। दूसरी ओर, बिहार, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में गिरावट अधिक रही, जिससे छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से बेहतर नजर आता है।
राज्य में 2130 MBBS और 600 BDS सीटें, मेडिकल शिक्षा के लिए बढ़े मौके
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 10 सरकारी और 5 निजी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें कुल 2,130 MBBS सीटें उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में एक सरकारी और 5 निजी डेंटल कॉलेजों में 600 BDS सीटें हैं। इस बढ़ती सीट संख्या के चलते छात्रों को राज्य में ही उच्च स्तरीय मेडिकल शिक्षा का अवसर मिल रहा है।










