बिलासपुर । जिले में सहकारी समितियों के सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य फोकस राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की फंडिंग पैटर्न की जागरूकता और पैक्स (PACS) समितियों को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के रूप में विकसित करने पर रहा।
कार्यशाला में जिले की सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) को “सहकार से समृद्धि योजना” के तहत बहुद्देश्यीय सेवा केंद्रों में परिवर्तित करने के उपायों पर चर्चा की गई। वर्ष 2025 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनज़र, सहकारी क्षेत्र में विविध कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वर्ष 2021 में स्थापित केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा देशभर में सहकारी संस्थाओं के विकास हेतु यह योजना आरंभ की गई थी।
कार्यशाला में बताया गया कि अब तक केवल ऋण वितरण तक सीमित रहने वाली PACS समितियों को 54 प्रकार की सेवाओं से जोड़ा गया है। इनमें माइक्रो एटीएम सुविधा के माध्यम से किसानों को नगद भुगतान, बीज वितरण, ऑर्गेनिक उत्पादों का विक्रय और निर्यात जैसी सेवाएं शामिल हैं। साथ ही CSC के माध्यम से आम नागरिकों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, टिकट बुकिंग, बिजली बिल, बीमा प्रीमियम भुगतान, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र सहित 300 से अधिक सेवाएं प्रदाय करने की जानकारी दी गई।
कार्यशाला के दौरान CSC के जिला प्रोग्रामर श्री विवेक सिंह ने पैक्स को CSC के रूप में पंजीयन, संचालन और सेवाओं के माध्यम से राजस्व सृजन के अवसरों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बिलासपुर के उप आयुक्त सहकारिता श्री चन्द्रशेखर जायसवाल ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर यह प्रयास है कि सहकारी समितियों को एक मजबूत आर्थिक और सामाजिक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकार की डिजिटल और नागरिक सेवाओं का लाभ उनके गांव में ही मिल सके।”
कार्यशाला में सहायक आयुक्त सहकारिता श्रीमती शोभा महेन्द्रा बंदे, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के सहायक निदेशक श्री वैभव कुमार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के CEO श्री सुनील सोढ़ी, नोडल अधिकारी श्री आशीष दुबे, विभागीय अधिकारी, पर्यवेक्षक और PACS समितियों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।








