जशपुर। विशेष रिपोर्ट।
श्री बालाजी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई पवित्र कलश की स्थापना, संत रविदास के समरसता और समानता के संदेश को अपनाने का आह्वान
जशपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की पवित्र कलश यात्रा के जशपुर आगमन पर श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का भव्य दृश्य देखने को मिला। शहर में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कलश यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। जयघोष, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठा।

विधिवत पूजन-अर्चन के उपरांत संत शिरोमणि रविदास महाराज के पवित्र कलश को पूरे धार्मिक विधि-विधान एवं सम्मान के साथ स्थानीय श्री बालाजी मंदिर में स्थापित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज ने अपने जीवन और विचारों से समाज को समानता, मानवता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का अमूल्य संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी लोगों से संत रविदास जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पूर्व हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश नंदे, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, शहर मंडल अध्यक्ष मुकेश सोनी, रागिनी भगत, दीपू मिश्रा, रजनी प्रधान, देवधन नायक, दीपक चौहान, अभिषेक गुप्ता, नागेंद्र भगत, सुधीर भगत, रविंद्र पाठक, गणेश साहू, शिव प्रकाश तिवारी, शरद चौरसिया, आशुतोष राय, शशि बाई, मालती भगत, सावित्री निकुंज, अनीता पैकरा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने संत रविदास महाराज के पावन कलश के दर्शन कर समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
पवित्र कलश यात्रा का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, एकता और आध्यात्मिक चेतना का प्रेरणादायी संदेश बनकर उभरा। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति और जनसहभागिता ने आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।








