बिलासपुर। शहर और ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते बिलासपुर की निचली बस्तियों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई घरों में पानी घुसने से लोगों को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं अरपा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
शहर के कई इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित
बारिश के बाद पुराना बस स्टैंड, सरकंडा, तोरवा, मोपका, सिरगिटटी, देवरीखुर्द, राजकिशोर नगर, मंगला, उसलापुर और श्रीकांत वर्मा मार्ग जैसे क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगहों पर सड़कों पर पानी का स्तर एक फीट तक पहुंच गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सरकंडा, सिरगिटटी और चुचुहियापारा के कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों की रात बेचैनी में बीती। बारिश जारी रहने की आशंका के चलते लोगों में घरों में फिर पानी घुसने का डर बना हुआ है।
निगम प्रशासन के दावों की खुली पोल
बारिश से पहले नगर निगम ने दावा किया था कि इस बार जलभराव की समस्या नहीं होगी। लेकिन पहली ही तेज बारिश में यह दावे धराशायी हो गए। गलियों में घुटनों तक पानी भर गया और आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया। महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल और नगर निगम के अधिकारी वार्डों का निरीक्षण करते रहे, परंतु स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं आया।
अरपा नदी में उफान, बस्तियों में डूबान का खतरा
लगातार बारिश और भैंसाझार बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण अरपा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। दोमुहानी एनीकट पर पानी ऊपर से बहने लगा है। जल संसाधन विभाग के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में इस तरह की स्थिति वर्षों बाद बनी है। नदी के किनारे बसी बस्तियों को डूबान का खतरा देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
टिकरापारा में गिरी दीवार, ई-रिक्शा और बाइक क्षतिग्रस्त
रविवार को टिकरापारा में एक पुरानी दीवार बारिश के चलते ढह गई। हादसे में एक ई-रिक्शा और बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि 7 लोग प्रभावित हुए। गनीमत रही कि हादसे के वक्त इलाका सुनसान था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना से नाराज रहवासियों ने मौके पर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
कोटा विकासखंड में टूटा गांवों का संपर्क
कोटा क्षेत्र में भी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नवागांव और तेंदुभाठा जैसे गांवों का शहर से संपर्क टूट गया है। पुल-पुलियाओं के ऊपर से पानी बह रहा है और कई घरों में बारिश का पानी भर गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची है।
बारिश का अलर्ट जारी, प्रशासन अलर्ट मोड में
मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम और मैदानी अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।







