बिलासपुर। शहर की पुरानी सब्जी मंडी मार्ग पर सोमवार को नगर पालिका प्रशासन ने बुल्डोजर चलाकर करीब 15 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि प्रभावित दुकानदारों का दावा है कि वे अतिक्रमणकारी नहीं बल्कि पालिका के वैध किरायेदार हैं।
दुकानदारों ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से पालिका के नियमित किरायेदार हैं और उन्हें हर महीने किराया रसीद भी दी जाती रही है। लेकिन मार्च 2025 से किराया लेना बंद कर दिया गया और मई में उन्हें अचानक अवैध अतिक्रमणकारी घोषित करते हुए नोटिस थमा दिए गए।
हाईकोर्ट में मामला लंबित, फिर भी की गई कार्रवाई
दुकानदारों ने इस कार्रवाई के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका संख्या WRIT-CNO 20373/2025 दायर की थी। कोर्ट ने 27 जून को नगर पालिका से दो सप्ताह में जवाब मांगा था। दुकानदारों का आरोप है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही प्रशासन ने हठपूर्वक कार्रवाई कर दी, जो संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं की अवहेलना है।
प्रशासन से नहीं मिला समाधान
दुकानदारों ने अधिशासी अधिकारी डॉ. नितिन कुमार गंगवार से मुलाकात कर समाधान की मांग की, लेकिन कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला। पीड़ित व्यापारियों ने प्रशासन से मुआवजे और वैकल्पिक पुनर्वास की मांग की है।
गहराया विवाद, न्याय की आस
इस कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है और उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण व मनमानी करार दिया है। फिलहाल सभी की निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे यह तय हो सकेगा कि न्यायपालिका इस मामले में क्या रुख अपनाती है।







