नगरवासियों में बढ़ा डर, बीते सप्ताह में 4 चोरियां, गश्त को लेकर पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
पाली में सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे, चोरों का गिरोह सक्रिय लेकिन पुलिस अब भी निष्क्रिय
मोबाइल दुकान, चर्च परिसर, किराना स्टोर और घर—हर जगह चोरों की दबंगई, अब आमजन सहमा
पाली में लगातार चोरियों से लोग दहशत में, पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
पाली (कोरबा)। शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते एक सप्ताह के भीतर पाली नगर में चार अलग-अलग स्थानों पर चोरी की वारदातें हुई हैं, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी मामले में न तो सुराग लगा पाई है और न ही कोई गिरफ्तारी कर सकी है। इससे न केवल आमजन में असुरक्षा की भावना गहराई है बल्कि लोगों का पुलिस पर से भरोसा भी डगमगाने लगा है।
पुलिस की निष्क्रियता से निडर हुए चोर, एक के बाद एक घटनाएं
नगरवासियों का कहना है कि स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोर बेखौफ हो गए हैं। सबसे हालिया घटना चर्च कैंपस की है, जहां पास्टर के अनुपस्थिति में चोरों ने उनके आवासीय कक्ष का ताला तोड़कर नगदी और सामान पार कर दिया। वहीं, मुख्य मार्ग किनारे एक मोबाइल दुकान को भी चोरों ने निशाना बनाया, जहां से मोबाइल, एसेसरीज और नगदी गायब हो गए।
किराना दुकान से लेकर घर तक कोई सुरक्षित नहीं
मोबाइल दुकान से ठीक एक दिन पहले पास की किराना दुकान में भी चोरी की वारदात हुई, जहां से नगदी और सामान चुराया गया। इसी दौरान शांति नगर निवासी बिजु सिंह के घर में भी चोरों ने धावा बोला। लगातार हो रही इन घटनाओं से आम लोग अपनी संपत्ति को लेकर बेहद चिंतित हैं।
रात्रि गश्त नहीं, कार्रवाई न के बराबर—लोगों ने जताई नाराज़गी
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की रात्रि गश्त पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पाली पुलिस रात में गश्ती नहीं करती और चोरों की धरपकड़ के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे चोरों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस का खौफ खत्म होता दिख रहा है।
कानून व्यवस्था पर संकट: लोग अपने घरों को छोड़ने से कतरा रहे
स्थिति इतनी चिंताजनक हो गई है कि कई परिवार अब सामाजिक कार्यक्रमों या रिश्तेदारों से मिलने बाहर जाने से डरने लगे हैं। उनका कहना है कि जब तक वे लौटते हैं, चोरी की आशंका बनी रहती है। पुलिस सिर्फ एफआईआर दर्ज कर रही है, लेकिन नतीजा शून्य है।









