भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अगले महीने सितंबर में अपने सबसे भारी रॉकेट LVM-3-M5 के जरिए अमेरिकी संचार उपग्रह ब्लॉक-2 ब्लूबर्ड (Block-2 BlueBird) को अंतरिक्ष में भेजने जा रहा है। इस अत्याधुनिक सैटेलाइट की खासियत है कि यह बिना किसी अतिरिक्त टर्मिनल के सीधे स्मार्टफोन में ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाएगा।
करीब 6,500 किलोग्राम वजनी यह सैटेलाइट 64.38 वर्ग मीटर के विशाल कम्युनिकेशन एरे से लैस है, जो 3GPP-स्टैंडर्ड फ्रीक्वेंसी पर काम करते हुए 3G, 4G और 5G नेटवर्क के जरिए वॉइस, डेटा और वीडियो सेवाएं प्रदान करेगा। इसकी मदद से 12 Mbps तक की डेटा स्पीड मिल सकेगी।
ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने बताया कि यह सैटेलाइट सितंबर में भारत पहुंचेगा और इसे श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 30 जुलाई को भारत ने अमेरिका के साथ मिलकर दुनिया का सबसे महंगा अर्थ ऑब्जर्वेशन मिशन NISAR सफलतापूर्वक लॉन्च किया था।
चेन्नई के पास कट्टनकुलथुर स्थित एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के दीक्षांत समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने नारायणन को मानद ‘डॉक्टर ऑफ साइंस’ की उपाधि प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने 1963 में ISRO की स्थापना और शुरुआती दौर में अमेरिका से मिले एक छोटे रॉकेट से शुरू हुई यात्रा का जिक्र किया, जो आज भारत को अंतरिक्ष तकनीक में अग्रणी देशों की पंक्ति में खड़ा कर रही है।









