कोरबा/पाली : जिले के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी अपराध और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के प्रयास में लगातार सक्रिय हैं, लेकिन पाली थाने की पुलिस पर आरोप हैं कि वे जुआ संचालकों को संरक्षण दे रही हैं। ग्राम पोड़ी और आसपास के जंगलों में बड़े पैमाने पर जुआ का फड़ संचालित हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन लाखों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, पोड़ी निवासी दो युवक इस अवैध कारोबार के मुख्य संचालक हैं। ये जुआरियों से एंट्री फीस के रूप में 500 रुपये लेते हैं और जीतने वालों से 10 प्रतिशत कमीशन भी लेते हैं। साथ ही, उधार में पैसे उपलब्ध कराने की सुविधा भी दी जाती है, जहां प्रतिदिन 10 प्रतिशत ब्याज लिया जाता है।
हालांकि, पिछले महीने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कटघोरा पुलिस ने चैतुरगढ़ जंगल में छापेमारी कर जुआ के फड़ पर कार्रवाई की थी, लेकिन जुआ संचालन अब भी जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाली पुलिस की निष्क्रियता और संरक्षण के कारण अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
ऐसे समाज-विरोधी कार्यों पर रोक लगाना स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन पोड़ी में चल रहे जुआ के खिलाफ ठोस कदम उठाता है या नहीं।









