कटौद गौधाम में अव्यवस्थाओं का आरोप, चार मवेशियों की मौत से मचा हड़कंप

Spread the love

 

 

सक्ती/डभरा। पुलकित दास महंत विशेष रिपोर्ट।

 

 

करीब 150 गौवंशों की देखरेख पर उठे गंभीर सवाल, चारा-पानी और छायादार व्यवस्था की कमी का आरोप; मौके पर तड़पता मिला एक मवेशी।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित गौधाम में गौवंशों की देखरेख और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सक्ती जिले के डभरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटौद स्थित स्वामी दयानंद सरस्वती गौधाम में चार मवेशियों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। वहीं, गौधाम परिसर में एक मवेशी तड़पता हुआ मिलने से व्यवस्था पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कटौद में स्वामी दयानंद सरस्वती गौधाम समिति का गठन कर गौधाम का संचालन किया जा रहा है। यहां लगभग 150 मवेशियों को रखा गया है। 30 अक्टूबर 2026 को ग्रामीणों से चार मवेशियों की मौत की सूचना मिलने पर पत्रकार द्वारा गौधाम पहुंचकर मौके की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान परिसर में एक मवेशी खुले स्थान पर तड़पता हुआ मिला। ग्रामीणों ने गौवंशों के लिए पर्याप्त चारा, पानी और छायादार स्थान की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया।

समिति अध्यक्ष ने बताई व्यवस्थाओं की कमी

गौधाम समिति के अध्यक्ष योगेन्द्र चन्द्रा ने बताया कि शासन-प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। मवेशियों के रहने के लिए पर्याप्त छायादार स्थान और बैठने की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में कई बार जानकारी देने के बावजूद अब तक कोई उचित पहल नहीं की गई है।

वहीं, ग्राम पंचायत कटौद के सरपंच बिहारी लाल बघेल ने भी गौधाम में छाया और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि मवेशियों की उचित देखरेख के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

पूर्व जनपद सदस्य ने जताई चिंता, जांच की मांग

ग्राम के पूर्व जनपद सदस्य चुणामणि वर्मा ने चार मवेशियों की मौत की जानकारी पर चिंता जताते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि गौधाम में रखे गए गौवंशों की समुचित देखभाल सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा निर्मित न हो।

पशु चिकित्सक ने भी की उपचार की पुष्टि

मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक एमडीब्ल्यू रामकुमार कर्ष ने बताया कि उन्होंने गौधाम पहुंचकर मवेशियों का उपचार किया है। उनके अनुसार, एक मवेशी खुले स्थान पर तड़पता हुआ पड़ा था। उन्होंने तीन से चार मवेशियों की मौत की जानकारी भी दी।

150 गौवंशों की जिम्मेदारी, लेकिन मूलभूत सुविधाओं पर सवाल!

इस पूरे मामले ने शासन की गौधाम योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जब गौधाम में लगभग 150 मवेशियों को रखने की व्यवस्था की गई है, तो उनके लिए पर्याप्त चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार स्थान, बैठने की सुविधा और समय पर पशु चिकित्सा उपचार क्यों सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है?

गौधाम केवल मवेशियों को रखने का स्थान नहीं, बल्कि बेसहारा गौवंशों के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाली व्यवस्था है। ऐसे में वहां रहने वाले प्रत्येक मवेशी की सुरक्षा और समुचित देखभाल सुनिश्चित करना संबंधित जिम्मेदारों का दायित्व है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मवेशियों की मौत के कारणों का पता लगाने, जिम्मेदारी तय करने और गौधाम में तत्काल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि गौवंशों की मौत और बदहाल व्यवस्थाओं से जुड़े इन सवालों पर प्रशासन कब संज्ञान लेता है और गौधाम की स्थिति सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

 

 

  • Related Posts

    जन्मदिन विशेष: मोचन सिंह सोनवानी के जन्मदिवस पर वचन न्यूज़ परिवार ने लुटाया स्नेह, संपादक वचन मानिकपुरी ने दी आत्मीय बधाई

    Spread the love

    Spread the love    मुंगेली/छत्तीसगढ़।   “आपकी कलम जनहित की आवाज बने, आपका जीवन खुशियों से महके और सफलता हर कदम पर आपका स्वागत करे” — वचन मानिकपुरी आज का…

    मुंगेली राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ी संस्कृति का भव्य संगम, विधायक पुन्नूलाल मोहले और धरमलाल कौशिक की गरिमामयी उपस्थिति

    Spread the love

    Spread the love    मुंगेली/छत्तीसगढ़। मोचन सिंह सोनवानी विशेष रिपोर्ट।   दीप प्रज्वलन के साथ राज्योत्सव का शानदार शुभारंभ, नितिन दुबे सहित कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    error: Content is protected !!