दंतेवाड़ा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बस्तर की पारंपरिक सांस्कृतिक महोत्सव ‘बस्तर पंडुम’ में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें पारंपरिक गौर मुकुट पहनाकर, ढोकरा आर्ट भेंट कर स्वागत किया।
मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद, फिर बस्तर पंडुम में सहभागिता
कार्यक्रम से पहले शाह ने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। वे हेलीकॉप्टर से जगदलपुर होते हुए सीधे दंतेवाड़ा पहुंचे। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने शाह का गर्मजोशी से स्वागत किया।
हादसा—पिकअप पलटी, दो की मौत
कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे लोगों की एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
CM साय का संकल्प—1 साल में बस्तर से नक्सलवाद खत्म
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंच से कहा, “मां दंतेश्वरी की पूजा कर नक्सलवाद के अंत का संकल्प लिया है। हमारी डबल इंजन सरकार पूरी ताकत से जुटी है।” उन्होंने बताया कि बस्तर पंडुम में 27 हजार कलाकार शामिल हुए, जो ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से आए हैं।
गृहमंत्री विजय शर्मा बोले—बस्तर को लाल आतंक से आज़ादी दिलाएंगे
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा, “अमित शाह लौह पुरुष हैं। उनके नेतृत्व में अगले **1 साल में बस्तर को नक्सल आतंक से मुक्त कर दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष बस्तर पंडुम का आयोजन 7 जिलों और 32 जनपदों में किया गया है, जो अब गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है।
तेलंगाना में 86 नक्सलियों ने किया सरेंडर
शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान बड़ी खबर तेलंगाना से आई, जहां कोत्तागुडम में 86 नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। IG चंद्रशेखर रेड्डी ने बताया कि इनमें 66 पुरुष और 20 महिलाएं शामिल हैं। इन्हें ऑपरेशन चेयुथा योजना के तहत 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है।
शांति, विकास और संस्कृति की दिशा में बस्तर
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा, “बस्तर पंडुम अब गांवों की सीमाओं को पार कर संभाग स्तर पर पहुंच गया है। हम शांति, विकास और संस्कृति के संवर्धन की दिशा में काम कर रहे हैं। अमित शाह की मौजूदगी से बस्तर को नई ऊर्जा मिली है।”
शाह का पारंपरिक स्वागत—संस्कृति की छाप
- गौर मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया
- ध्रुवा जनजाति की सिहाड़ी बीज से बनी माला पहनाई गई
- कोंडागांव की प्रसिद्ध ढोकरा आर्ट भेंट की गई









