सरपंच–सचिव पर लाखों की गबन का आरोप, जांच में चौंकाने वाले तथ्य
कोरबा/कटघोरा। जनपद पंचायत कटघोरा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोहनपुर में भ्रष्ट्राचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत निधियों के दुरुपयोग की लगातार मिल रही शिकायतों पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यशपाल सिंह ने जांच के निर्देश दिए। उनके आदेश पर गठित जांच टीम ने जब पंचायत स्तर पर पड़ताल की तो लाखों रुपये के गबन और वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं।
जांच टीम की कार्रवाई
जांच टीम का नेतृत्व एसीईओ खगेश कुमार निर्मलकर कर रहे थे। उनके साथ अन्य अधिकारी 12 सितम्बर 2025 को मोहनपुर पंचायत पहुँचे।
टीम ने दस्तावेजों, खातों और जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना) से आहरित राशि की जांच की। इस दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए—
- वित्तीय अभिलेखों का सही संधारण नहीं किया गया था।
- ग्राम सभा की बैठकों में आय-व्यय का अनुमोदन नहीं लिया गया।
- 14वें और 15वें वित्त आयोग योजनाओं में नियमों को दरकिनार कर भुगतान किए गए।
भ्रष्ट्राचार के तथ्य
- वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 में रायपुर सम्मेलन, शिविर व नाश्ते–भोजन के नाम पर ₹1.37 लाख खर्च मूलभूत मद से दिखाया गया।
- पंचायत भवन के लिए फर्नीचर खरीदी के नाम पर 14वें वित्त से ₹1.91 लाख आहरित किए गए।
- मंच, नाली और सीसी रोड का कार्य किए बिना ही 15वें वित्त से ₹7.04 लाख निकाल लिए गए।
- शेड और पचरी निर्माण के नाम पर भी बिना कार्य ₹2.41 लाख की राशि आहरित हुई।
- पेयजल व्यवस्था व रखरखाव में भारी-भरकम राशि निकाली गई, जबकि अधिकांश कार्य जमीनी स्तर पर नहीं हुए।
जांच समिति के निष्कर्ष
जांच टीम ने बैठकों की नियमितता और बिलों की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल उठाए।
- कई भुगतान बिना अनुमोदन के किए गए।
- कई सामान खरीदी में बिना जीएसटी वाले बिलों का उपयोग किया गया।
- समिति ने पाया कि बिना काम किए ही सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
पंचायत क्षेत्र में हड़कंप
मोहनपुर पंचायत में भारी भ्रष्ट्राचार उजागर होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, सरपंच और सचिव अब आगे की कार्रवाई को प्रभावित करने एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामवासियों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा—
“सरकारी योजनाओं और जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि जनता का हक मारने की हिम्मत न कर सके।”








