कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में पदस्थ खंड स्रोत समन्वयक (बीआरसी) गुलाबदास महंत पर संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने अवैध वसूली और धमकाने का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को लिखित शिकायत सौंपी है। वहीं बीआरसी ने इन आरोपों को निराधार व बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि यह सब औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कुछ शिक्षकों की कार्रवाई से बचने की कोशिश है।
शिकायत में लगाए गए आरोप
संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने अपनी शिकायत में कहा है कि –
- बीआरसी गुलाबदास महंत ने फोन कर संकुल अनुदान राशि की मांग की।
- पैसे नहीं देने पर भौतिक सत्यापन करने की धमकी दी।
- प्रशिक्षण राशि गबन, मरम्मत कार्य और शिविर आयोजन सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रधान पाठकों एवं समन्वयकों से पैसे वसूलने का प्रयास किया।
बीआरसी का पक्ष
बीआरसी गुलाबदास महंत ने इन आरोपों को एकदम खारिज करते हुए कहा –
- “ये आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं। औचक निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक विद्यालयों से अनुपस्थित पाए गए। ऐसे नेतानुमा शिक्षक, जो अध्यापन कार्य छोड़कर गैर-शिक्षकीय गतिविधियों में संलिप्त हैं, विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।”
- उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भोले-भाले शिक्षकों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर निराधार आरोप पत्र तैयार कराया गया है।
- कुछ शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण पर भी सवाल उठाए और उनके कार्यालय में बहसबाजी तक की।
निरीक्षण और शिक्षकों की लापरवाही
बीआरसी महंत ने आगे कहा कि –
- एक सीएसी ने पिछले तीन महीने से अपने विषय का अध्यापन नहीं किया है, जिस पर कार्रवाई लंबित है।
- शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि संकुल समन्वयक और शिक्षक वर्ग पहले अपने विद्यालय में अध्यापन कार्य करें, उसके बाद ही मॉनिटरिंग और अन्य कार्य करें।
- लेकिन कुछ शिक्षक अपने कर्तव्यों की अनदेखी कर रहे हैं। जब औचक निरीक्षण में उनकी लापरवाही उजागर होती है तो वे विरोध करने लगते हैं और झूठी शिकायतें करते हैं।








