रायपुर बस्तर। छत्तीसगढ़ पुलिस और बस्तर क्षेत्र में तैनात अर्धसैनिक बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। सुरक्षाबलों ने एक गुप्त और रणनीतिक ऑपरेशन के तहत देश के मोस्ट वांटेड माओवादी नेताओं में से एक, नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू को मार गिराया है। बसवराजू माओवादियों की सेन्ट्रल कमेटी का महासचिव था और उस पर करोड़ों रुपये का इनाम घोषित था।
जंगलों में रची गई थी साजिश का अंत
यह ऑपरेशन बस्तर के घने जंगलों में अत्यंत गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। लंबे समय से सुरक्षाबलों की नजर बसवराजू की गतिविधियों पर थी और अंततः उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। इस सफलता को नक्सल नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने दी बधाई
इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए लिखा,
“इस उल्लेखनीय सफलता के लिए हमें अपनी सेनाओं पर गर्व है। हमारी सरकार माओवाद के खतरे को समाप्त करने और नागरिकों के लिए शांति एवं प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस ऑपरेशन पर खुशी जताते हुए लिखा,
“जारी है विजय का शंखनाद, खत्म हो रहा नक्सलवाद… यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं गृह मंत्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सुरक्षाबलों की यह ऐतिहासिक सफलता नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक और मजबूत कदम है।”
‘लाल आतंक’ के अंत की ओर बस्तर
विशेषज्ञों का मानना है कि बसवराजू की मौत से माओवादी संगठन की रीढ़ टूट गई है। यह न केवल उनका मनोबल गिराएगा, बल्कि आने वाले समय में बाकी शीर्ष नेताओं के लिए भी बड़ा खतरा बनेगा। राज्य के गृह विभाग ने इसे “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताते हुए कहा है कि अब ऑपरेशन और तेज होगा।
सरकार का संकल्प: खत्म होगा नक्सलवाद
राज्य और केंद्र सरकार ने दोहराया है कि माओवादी हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जब तक नक्सलवाद की जड़ पूरी तरह समाप्त नहीं होती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। सुरक्षाबलों को मिली इस जीत से यह स्पष्ट है कि बस्तर अब ‘लाल आतंक’ से मुक्त होने की ओर बढ़ रहा है।








