बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक महिला से शादी के नाम पर भावनात्मक और आर्थिक धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक मैरिज ब्यूरो की संचालिका और उसके पति ने मिलकर युवती को शादी का झांसा दिया और फिर उससे करीब 7 लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की शुरुआत कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा) निवासी दमयंती नाम की युवती ने जुलाई 2024 में बिलासपुर स्थित एक मैरिज ब्यूरो में रजिस्ट्रेशन कराया। यह ब्यूरो चित्रा नामक महिला संचालित कर रही थी। जब दमयंती को कोई भी लड़का पसंद नहीं आया, तो चित्रा ने अपने ही पति संजय चौधरी का प्रोफाइल उसे भेज दिया, यह छिपाते हुए कि वह पहले से शादीशुदा है।
फर्जी शादी और ठगी की साजिश
प्रोफाइल पसंद आने पर दमयंती और संजय की शादी गिरौदपुरी धाम में करवा दी गई। शादी के बाद संजय, दमयंती को हरियाणा के सिरसा ले गया और फिर दोनों बिलासपुर के विनोबा नगर में एक किराए के मकान में रहने लगे। दमयंती ने वहां ब्यूटी पार्लर खोल लिया।
इसी दौरान, संजय ने बीमारी और अन्य जरूरतों का बहाना बनाकर दमयंती से किस्तों में करीब 7 लाख रुपए ऐंठ लिए, जिनसे उसने एक कार भी खरीदी। कुछ समय बाद संजय अचानक गायब हो गया, जिससे दमयंती को शक हुआ।
साजिश का खुलासा
काफी पड़ताल के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मैरिज ब्यूरो चलाने वाली चित्रा ही संजय की पत्नी है और दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से यह धोखाधड़ी की थी।
पुलिस कार्रवाई
सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह ने बताया कि दमयंती की शिकायत पर सकरी थाना में चित्रा और संजय के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि चित्रा और संजय की लव मैरिज हुई थी और उनका एक बेटा भी है।
फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
यह मामला न केवल एक महिला की भावनाओं से खेलकर उससे लाखों की ठगी का है, बल्कि यह दिखाता है कि किस प्रकार विश्वासघात और साजिश के जरिए भोले-भाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच से उम्मीद है कि दोषियों को शीघ्र ही गिरफ़्तार कर न्याय दिलाया जाएगा।








