BREAKING NEWS: सीमेंट कर्मचारियों की मांगों पर INTUC सख्त, ठेका मजदूरों के अधिकारों पर आर-पार की लड़ाई के संकेत; समझौता नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

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हैदराबाद, तेलंगाना | 9 अक्टूबर 2026।

 

देवराज सिंह बोले—ठेका श्रमिकों के हितों से समझौता नहीं, मांगों पर ठोस निर्णय के बिना अंतिम समझौता संभव नहीं

 

देशभर के सीमेंट उद्योग में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों और ठेका मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय इंटक यूनियन (INTUC) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। वेतन पुनरीक्षण, ठेका श्रमिकों के स्थायीकरण, समान वेतन, सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि और कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर यूनियन ने गंभीरता दिखाई है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के हितों में ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।

सीमेंट वर्कर्स फेडरेशन (राष्ट्रीय इंटक यूनियन) की महत्वपूर्ण वर्किंग कमेटी बैठक 7 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के नारायणगुडा स्थित कांग्रेस हाउस में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी ने की, जबकि राष्ट्रीय महासचिव देवराज सिंह के नेतृत्व में देशभर के विभिन्न सीमेंट संयंत्रों से जुड़े श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं, आगामी वेतन पुनरीक्षण और ठेका मजदूरों के अधिकारों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

वेतन पुनरीक्षण को लेकर चार्टर ऑफ डिमांड्स पर चर्चा

राष्ट्रीय महासचिव देवराज सिंह ने विशेष बातचीत में बताया कि नए वेतन पुनरीक्षण को ध्यान में रखते हुए फेडरेशन और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के बीच प्रबंधन के समक्ष मांगपत्र यानी चार्टर ऑफ डिमांड्स को लेकर बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस सिलसिले में पहली बैठक भी संपन्न हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को प्रभावी ढंग से प्रबंधन के सामने रखना और उनके हितों की रक्षा करना फेडरेशन की प्राथमिकता है। बैठक में देशभर के सीमेंट उद्योगों की मौजूदा परिस्थितियों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

ठेका मजदूरों के स्थायीकरण और समान वेतन की मांग प्रमुख

बैठक का सबसे अहम मुद्दा सीमेंट उद्योगों में कार्यरत ठेका श्रमिकों के अधिकारों से जुड़ा रहा। फेडरेशन ने ठेका मजदूरों की स्थिति में सुधार, उनके स्थायीकरण और स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

यूनियन का मानना है कि उद्योगों में लंबे समय से काम कर रहे ठेका श्रमिकों को भी उचित वेतन, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए। ठेका प्रथा के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिकों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

राष्ट्रीय महासचिव देवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि ठेका श्रमिकों के मुद्दे पर फेडरेशन गंभीर है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से प्रयास जारी रखेगा।

सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव

कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों में सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि का मुद्दा भी शामिल है। वर्तमान में 58 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु को बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा जा रहा है।

इसके साथ ही कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि, पेंशन व्यवस्था में सुधार और विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को बेहतर आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने की मांगों पर भी चर्चा की गई।

कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को लेकर चिंता

सीमेंट उद्योगों में स्थायी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद कई स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ने की समस्या सामने आ रही है। फेडरेशन ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कर्मचारियों के कार्यभार के अनुरूप उचित लाभ और सुविधाएं देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या, काम की प्रकृति और उत्पादन संबंधी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे श्रमिकों के हित प्रभावित न हों।

ऑटोमेशन और आईटी के दौर में नए पदों के निर्धारण की मांग

बदलते औद्योगिक परिदृश्य, ऑटोमेशन और सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए नए पदों के निर्धारण के लिए नॉमेनक्लेचर कमेटी गठित करने का मुद्दा भी उठाया गया।

फेडरेशन का मानना है कि तकनीकी बदलावों के अनुरूप पदों और कार्यों का उचित निर्धारण जरूरी है, ताकि कर्मचारियों की जिम्मेदारियों, पदनाम और सेवा संबंधी हितों को स्पष्ट किया जा सके।

CMA के साथ नियमित बैठक का सुझाव

चार वर्षीय समझौतों के बाद कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच उत्पन्न होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आया। इसके तहत सीमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CMA) के साथ नियमित संवाद बनाए रखने के लिए एक समिति गठित करने का प्रस्ताव है।

इस समिति की वर्ष में कम से कम दो बार बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया गया, ताकि समझौतों के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं पर समय रहते चर्चा कर समाधान निकाला जा सके।

ठेका मजदूरों पर ठोस निर्णय नहीं तो आंदोलन की राह

बैठक से निकला सबसे महत्वपूर्ण संदेश ठेका श्रमिकों के अधिकारों को लेकर रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जी. संजीव रेड्डी और महासचिव देवराज सिंह ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि ठेका मजदूरों के पक्ष में ठोस निर्णय होना आवश्यक है। मांगों का समाधान किए बिना अंतिम समझौता करने पर सहमति नहीं होगी।

यूनियन ने संकेत दिया है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है। इससे आगामी दिनों में सीमेंट उद्योगों और प्रबंधन के बीच होने वाली वार्ताओं का महत्व और बढ़ गया है।

26 अक्टूबर को CMA के साथ महत्वपूर्ण बैठक, दिसंबर में राष्ट्रीय अधिवेशन

फेडरेशन के अनुसार, आगामी 26 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में CMA के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों और वेतन पुनरीक्षण से संबंधित विषयों पर आगे की चर्चा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा, दिसंबर 2026 में नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में इंटक का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

श्रमिकों की निगाहें आगामी वार्ता पर

सीमेंट उद्योग के कर्मचारियों और ठेका मजदूरों की लंबित मांगों को लेकर अब सभी की निगाहें 26 अक्टूबर को प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं। वेतन वृद्धि, पेंशन सुधार, ठेका श्रमिकों के अधिकार और कार्यभार जैसे मुद्दों पर प्रबंधन का रुख आगामी वार्ताओं में महत्वपूर्ण रहेगा।

अब सवाल यह है कि क्या प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच बातचीत से मांगों का समाधान निकल पाएगा, या कर्मचारियों के हितों को लेकर आंदोलन की स्थिति बनेगी? इसका जवाब आने वाली बैठकों और वार्ताओं से स्पष्ट होगा।

 

 

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