कोरबा/नई दिल्ली Vachannews छत्तीसगढ़ के जंगलों, आदिवासी अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण की आवाज अब संसद तक पहुंचेगी। कोरबा जिले से शुरू हुई “जंगल, जीव और जन-अधिकार पदयात्रा” 21 दिन बाद 20 जुलाई 2026 को दिल्ली पहुंचकर ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच गई।
कटघोरा के सरईसिंगार, हार्दिक बाजार निवासी राजकमल यादव और चंद्रशेखर पांडे के नेतृत्व में निकली यह पदयात्रा 30 जून को कटघोरा से शुरू हुई थी। भीषण गर्मी और बारिश के बीच पैदल 1200 किमी का सफर तय करते हुए दोनों युवा राजधानी पहुंचे। रास्ते में गांव-गांव संपर्क कर उन्होंने हसदेव अरण्य सहित राज्य के जंगलों के संरक्षण के लिए जनसमर्थन जुटाया।
राहुल गांधी से होगी मुलाकात
पदयात्रा प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष *श्री राहुल गांधी* के निजी सलाहकार से मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान मुलाकात की तिथि भी तय कर ली गई है। कांग्रेस कार्यालय द्वारा जल्द ही आधिकारिक तारीख की घोषणा की जाएगी। प्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर रखने का यह महत्वपूर्ण अवसर है।

सरकार के सामने रखी 5 प्रमुख मांगें
दिल्ली पहुंचकर पदयात्रा प्रतिनिधियों ने सरकार और समाज के सामने अपनी मांगें रखीं:
1. हसदेव अरण्य सहित छत्तीसगढ़ के जंगलों का संरक्षण
2. वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा
3. आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा
4. जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय ग्राम सभाओं की भागीदारी
5. प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, अंधाधुंध दोहन पर रोक

राजकमल यादव ने कहा, _”जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं है। यह हमारी संस्कृति, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य” है।
चंद्रशेखर पांडे ने कहा, _“विकास के नाम पर जंगल उजाड़े जा रहे हैं। अब सरकार को इसका जवाब देना होगा”
जनता से मांगे सुझाव
प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास जनहित के मुद्दे या स्थानीय समस्याएं हैं तो वे उन्हें साझा करें। सभी समस्याओं को राहुल गांधी के समक्ष रखा जाएगा ताकि राज्य की आवाज संसद तक पहुंचे और समाधान की पहल हो।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का मानना है कि कोरबा की धरती से निकली यह पदयात्रा अब राज्य के पर्यावरण आंदोलन का प्रतीक बन गई है। इसने साबित किया कि आम नागरिक भी अपनी आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकता है।
संपर्क सूत्र: 7067952740, 9131401850










