रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को उनके निवास कार्यालय सिविल लाइन में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य हित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। नीचे प्रमुख निर्णयों का सार प्रस्तुत है:
1. वंचित जातियों को मिलेगी छात्रवृत्ति और छात्रावास सुविधा
मंत्रिपरिषद ने डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव, पबिया, पविया, पवीया को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य तथा डोमरा समाज को अनुसूचित जाति के समतुल्य मानते हुए केवल राज्य मद से छात्रवृत्ति और छात्रावास-आश्रमों में प्रवेश की सुविधा देने का निर्णय लिया है।
2. ‘‘पीएम सूर्य घर योजना’’ में राज्य सरकार देगी अतिरिक्त अनुदान
छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर रूफटॉप लगाने वालों को राज्य सरकार केंद्र की सब्सिडी के साथ अतिरिक्त सहायता देगी।
- 1 किलोवाट: ₹45,000 (₹30,000 केंद्र + ₹15,000 राज्य)
- 3 किलोवाट या उससे अधिक: ₹1,08,000 (₹78,000 केंद्र + ₹30,000 राज्य)
वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धारित है।
3. ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’’ का गठन
राज्य में घटती बाघों की संख्या को देखते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी’’ बनाई जाएगी। यह संस्था वन्य जीव संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देगी, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
4. ‘‘विश्वास’’ संस्था का रामकृष्ण मिशन में विलय
नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एंड सर्विसेस (विश्वास)’’ को रामकृष्ण मिशन आश्रम में मर्ज करने का निर्णय लिया गया।
5. बेमेतरा में उद्यानिकी महाविद्यालय स्थापना को मिली मंजूरी
बेमेतरा जिले के साजा तहसील के बेलगांव में 100 एकड़ भूमि में उद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इससे कृषि और बागवानी शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
6. ‘‘JashPure’’ ब्रांड का विपणन राज्य सरकार के हवाले
जशपुर जिले की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे हर्बल एवं महुआ उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने हेतु ‘‘JashPure’’ ब्रांड को राज्य सरकार या सीएसआईडीसी को सौंपने की स्वीकृति मिली।
7. नक्सली हिंसा में शहीद जवानों के परिजनों को मिलेगा विभागीय विकल्प
अब शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग के अलावा किसी अन्य विभाग और किसी भी जिले में नियुक्ति का विकल्प मिलेगा।
8. ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET)’’ का गठन
गौण खनिजों के अन्वेषण और संरचना विकास के लिए SMET का गठन होगा। इससे रॉयल्टी की 2% अतिरिक्त राशि इस ट्रस्ट में जाएगी, जिसका उपयोग तकनीकी विकास, संसाधन उन्नयन और इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण में किया जाएगा।








