रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ किया। यह महोत्सव लगातार 25 सप्ताह तक, 6 फरवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में हर्षोल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल शासकीय कार्यक्रम न होकर प्रदेशवासियों का सामूहिक उत्सव है, जिसमें हर वर्ग और समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आह्वान किया कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के सपनों को पूरा करने के लिए सबको साथ आना होगा।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि अटल जी के प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 वर्षों में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और अब लक्ष्य 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का है।

साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे पारंपरिक आयोजन भी महोत्सव का हिस्सा होंगे, जिससे स्थानीय खेलों और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है, जिसे अगले पाँच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का लक्ष्य है। नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया जा चुका है।

किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है और पिछले दो वर्षों में किसानों को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे खातों में दी गई है। पीडीएस मॉडल से लाखों परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है।
25 सप्ताह तक विविध आयोजन
रजत महोत्सव के दौरान विभागीय, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों की सहभागिता से हर सप्ताह अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। ग्राम स्तर तक जागरूकता शिविर और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित कर जनता को शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शुभारंभ समारोह में विशेषांक पुस्तक का विमोचन, लोगो और वेब पोर्टल का अनावरण भी किया गया।
संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव ने कहा कि यह अवसर इतिहास और संस्कृति पर गर्व करने का है। उन्होंने गरीबों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया।









