रायगढ़। विशेष रिपोर्ट।
10 हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी में होगा भव्य आयोजन, ओडिशा समेत कई राज्यों से पहुंचेंगे भक्त; प्रदेशभर के कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
रायगढ़। भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य उत्सव को लेकर रायगढ़ में इस बार भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का भव्य संगम देखने को मिलेगा। इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ द्वारा आगामी 4 से 6 सितंबर तक तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 6 सितंबर को आयोजित होने वाला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा, जिसमें करीब 10 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। ओडिशा सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और देश के अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त रायगढ़ पहुंचेंगे।

तीन महीने से चल रही तैयारियां
इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के प्रभारी एवं इस्कॉन रायपुर के मुख्य पुजारी मिथिलापति दास ने रविवार को राजा पारा स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र में आयोजित प्रेसवार्ता में महोत्सव की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में पिछले चार वर्षों से श्रीकृष्ण भावनामृत और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव को पहले से कहीं अधिक भव्य स्वरूप देने की तैयारी की गई है। आयोजन की तैयारियां करीब तीन महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं।

4 सितंबर से शुरू होगा भक्ति और संस्कृति का उत्सव
महोत्सव के पहले दिन 4 सितंबर को सुबह 10 बजे से बच्चों के लिए भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित चित्रकला, निबंध, रंगोली, क्राफ्ट मेकिंग एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं शाम 5 बजे से हरिनाम संकीर्तन और विशेष पूजन के साथ जन्माष्टमी उत्सव का शुभारंभ होगा। 5 सितंबर को नंदोत्सव के साथ इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी की व्यास पूजा आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से इस्कॉन प्रचार केंद्र में होगा।

6 सितंबर को होगा मुख्य सार्वजनिक महोत्सव
महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 6 सितंबर को दोपहर 3:30 बजे से अंश होटल के हाल में आयोजित किया जाएगा। इसमें बाल महोत्सव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन, भजन संध्या, हरिनाम संकीर्तन और पुरस्कार वितरण जैसे कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण का विशेष महाभिषेक एवं महाआरती श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आध्यात्मिक आकर्षण होगी। श्रद्धालुओं के लिए शाम 7:30 बजे से महाप्रसाद की व्यवस्था अनवरत रहेगी। इसके अलावा दिनभर भक्तों को प्रसादम उपलब्ध कराया जाएगा।
हजारों कंठों से गूंजेगा ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान जब हजारों श्रद्धालु एक साथ ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे…’ महामंत्र का संकीर्तन करेंगे, तब पूरा रायगढ़ कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आएगा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
गीता से तकनीकी शिक्षा तक इस्कॉन की पहल
प्रेसवार्ता में मिथिलापति दास ने बताया कि इस्कॉन की गतिविधियां केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं हैं। संस्था आध्यात्मिक ज्ञान, वैदिक संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत प्रदेश के 30 से अधिक इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कॉलेजों में तीसरे सेमेस्टर के पाठ्यक्रम में श्रीमद्भगवद्गीता को शामिल किया गया है।

रायगढ़ में प्रस्तावित होगा बड़ा आध्यात्मिक केंद्र
इस्कॉन की ओर से रायगढ़ में करीब 2.5 से 3 एकड़ भूमि पर एक बड़े आध्यात्मिक केंद्र की योजना भी प्रस्तावित की गई है। प्रस्तावित केंद्र में सात्विक रेस्टोरेंट, अन्नदान क्षेत्र, गौशाला, गुरुकुल, कम्युनिटी हॉल और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। भूमि आवंटन के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी एवं शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी भी दी गई।
इस्कॉन की ओर से बताया गया कि वर्षभर कार्तिक दीपदान, गीता जयंती रैली, रथयात्रा, गौर पूर्णिमा और रामनवमी सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इस बार जन्माष्टमी महोत्सव के जरिए रायगढ़ में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का ऐसा विराट संगम देखने को मिलेगा, जहां हजारों श्रद्धालुओं की सामूहिक कृष्ण भक्ति शहर के वातावरण को भक्तिमय बना देगी।






